काली कमाई से कुबेर बने नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेस-वे के पूर्व चीफ इंजीनियर यादव सिंह का मामले में सीबीआई कोर्ट ने सख्त रवैया अपना लिया है। विशेष न्यायाधीश पवन कुमार तिवारी ने सीबीआई को आदेश दिया है कि फरार यादव सिंह की पत्नी कुसुमलता और ठेकेदार पंकज को 10 मई से पहले कोर्ट में पेश किया जाए।
साथ ही दोनों आरोपियों की कुर्की प्रोसेस जारी रखने के आदेश भी कोर्ट ने दिए हैं।उधर, नोएडा के चर्चित टेंडर घोटाले में बुधवार को सीबीआई विशेष न्यायाधीश पवन कुमार तिवारी की कोर्ट में आरोपियों की पेशी थी।
डासना जेल में बंद रामेंद्र सिंह, देवी राम आर्य, राजीव कुमार, जेपी सिंह, आरडी शर्मा, ओमपाल सिंह, विनोद कुमार गोयल और प्रदीप गर्ग को पुलिस अभिरक्षा में पेश किया गया। मुख्य आरोपी यादव सिंह जो वर्तमान में लखनऊ कारागार में है को भी कोर्ट में पेश किया गया।
यादव सिंह को एंबुलेंस के जरिए लखनऊ से यहां लाया गया। विशेष न्यायाधीश पवन कुमार तिवारी ने मामले में सुनवाई के लिए 10 मई की तारीख नियत कर दी।दूसरी ओर सीबीआई इंस्पेक्टर मुकेश वर्मा ने कोर्ट को बताया कि फरार चल रहे आरोपी ठेकेदार पंकज का नेहरू नगर थर्ड गाजियाबाद में एक आफिस है, जिसे सीबीआई ने सीज कर दिया है। सीबीआई ने इसकी रिपोर्ट भी कोर्ट में पेश कर दी।