कानपुर देहात के पास सियालदह-अजमेर एक्सप्रेस ट्रेन के 14 कोच बेपटरी होने से हावड़ा रूट पर ट्रेनों का संचालन प्रभावित हो गया। कानपुर ट्रेन हादसे के कारण चार ट्रेनें कैंसल होने के साथ करीब 20 ट्रेनों के संचालन पर खासा असर पड़ा है। गाजियाबाद से हावड़ा रूट होकर कानपुर और लखनऊ जाने वाली ट्रेनों को वाया मुरादाबाद रवाना किया गया। वहीं, दिल्ली आने वाली ट्रेनें वाया पलवल होकर पहुंचीं।
प्रमुख रूप से कानपुर हादसे और फिर कोहरे के चलते एक दर्जन से अधिक ट्रेनें तीन से 12 घंटे लेट रहीं। कानपुर में तड़के 5:30 बजे हुए हादसे के कारण रेलवे ने हावड़ा रूट से जाने वाली गोमती एक्सप्रेस, कानपुर शताब्दी, कैफियत एक्सप्रेस और रीवा एक्सप्रेस ट्रेन को कैंसल कर दिया।
इसके अलावा लखनऊ शताब्दी एक्सप्रेस, जोगबनी, काला और महानंदा एक्सप्रेस ट्रेन को हावड़ा रूट की जगह वाया मुरादाबाद रवाना किया गया। वहीं, 22824 भुवनेश्वर राजधानी एक्सप्रेस को वाया पलवल रवाना किया गया।कानपुर ट्रेन हादसे के प्रभाव से हावड़ा रूट पर ट्रेनों के संचालन पर प्रभाव पड़ा है। एक दर्जन से अधिक ट्रेनें तीन से 12 घंटे की देरी से चल रही हैं।
हादसे के साथ ही कोहरे के कारण पुरुषोत्तम एक्सप्रेस 8:25 घंटे, ब्रह्मपुत्र एक्सप्रेस 10:30 घंटे, वैशाली एक्सप्रेस तीन घंटे, रीवा एक्सप्रेस 9:30 घंटे, स्वतंत्रता सैनानी एक्सप्रेस 12 घंटे, सत्याग्रह एक्सप्रेस 2:30 घंटे, महामना एक्सप्रेस चार घंटे और मंडुवाडीह सुपरफास्ट एक्सप्रेस चार घंटे लेट रही। एकाएक चार ट्रेनें कैंसल होने से लोग रिफंड के लिए रिजर्वेशन काउंटर की लाइन में लग गए।
उसके बाद परिजनों की बीमारी व जरूरी काम होने के कारण लोगों ने अन्य ट्रेन की जगह बस रूट के जरिए सफर तय करने का निर्णय लिया। इटावा, कानपुर, टुंडला जाने वाले लोकल यात्री सबसे ज्यादा परेशान दिखे।
1. लालकुआं के रहने वाले धीरेंद्र सिंह रीवा एक्सप्रेस से फतेहपुर जा रहे थे। हार्ट पेशेंट मां की तबीयत खराब होने के कारण उन्होंने रिजर्वेशन कराया। कानपुर हादसे के कारण कैंसल हुई ट्रेन का रिफंड लेकर उन्होंने बस से जाने का निर्णय लिया।
2. मुरादनगर रहने वाले नरेंद्र शर्मा भी आजमगढ़ जा रहे थे। ट्रेन कैंसल होने की सूचना पर रिफंड कराने दौड़ते हुए रिजर्वेशन काउंटर पहुंचे। वे एक निजी प्रोग्राम में शामिल होने के लिए जा रहे थे।
3. बहरामपुर निवासी प्रकाश राज अपने पारिवारिक समारोह में भाग लेने के लिए किशनगंज बिहार जा रहे थे, लेकिन ट्रेन करीब साढ़े सात घंटे लेट होने के कारण वे प्लेटफार्म पर ही परिवार के साथ इंतजार करते रहे ।
4. विजयनगर निवासी कोकिल कुमार को आकस्मिक काम के चलते बिहार जाना पड़ रहा था, लेकिन ट्रेन करीब सात घंटा लेट होने के चलते परिवार के साथ सुबह छह बजे से ही प्लेटफार्म पर ट्रेन के इंतजार में बैठे रहे। दोपहर तक भी उनका इंतजार खत्म नहीं हुआ।