अपर जनपद न्यायाधीश की कोर्ट में तैनात अर्दली ने सोमवार की सुबह अपने घर के कमरे में पत्नी के दुपट्टे से फंदा लगाकर सुसाइड कर ली। गृह कलह के दौरान उसने पहले पत्नी और बच्चों को घर से बाहर निकाला और उसके बाद फंदे से लटक गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है।\
गाजियाबाद कोर्ट में एडीजे-6 के अर्दली नरेंद्र कनौजिया (40) संजय नगर सेक्टर-23 में परिवार के साथ रहता था। नरेंद्र के परिजनों के मुताबिक वह शराब पीने का आदी था। सोमवार सुबह भी उसने शराब पी, पत्नी ने रोकने का प्रयास किया तो वह झगड़ा करने लगा।
नरेंद्र को हाथापाई करता देख पत्नी बच्चों को लेकर घर से बाहर की ओर भागीं। इस पर नरेंद्र ने घर के दरवाजे को अंदर से बंद कर कुंडी लगा दी। परिजन दरवाजा खटखटाते रहे, मगर इस दौरान नरेंद्र ने कमरे में चुन्नी को छत के गार्डर से बांधकर फंदा लगा लिया।
एसएचओ हेमंत राय ने बताया कि दरवाजा तोड़कर शव को बाहर निकाला गया। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच की जा रही है। नरेंद्र के परिवार में पत्नी चंदन देवी, बेटा किशन (17), कन्हैया (8) और बेटी सलोनी (7) हैं। पिता की मौत के बाद से सभी का रो-रोकर बुरा हाल है।
परिजनों ने बताया कि करीब 15 दिन पहले भी शराब के नशे में झगड़े के बाद उसने फंदा लगाकर सुसाइड का प्रयास किया था। हालांकि पड़ोसी ने कमरे में उसे फंदा लगाते देखा तो शोर मचा दिया। इसके बाद परिजनों ने उसे बचा लिया था।
ट्रेन के आगे कूदकर महिला ने दी जान
मसूरी (ब्यूरो)। डासना निवासी महिला ने सोमवार सुबह मसूरी रेलवे पुल के पास ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया। पुलिस के मुताबिक महिला डिप्रेशन की मरीज थी।
डासना के बाजीग्रान मोहल्ला निवासी नाजमा (30) अकेली रहती थी। पुलिस के अनुसार उसकी शादी करीब 10 साल पहले डासना निवासी महबूब से हुई थी। उसके पांच बच्चे थे। करीब पांच साल पहले उसका पति घर छोड़कर चला गया था। इसके बाद एक-एक कर नाजमा के बच्चों की बीमारी के चलते मौत हो गई थी।
इससे वह डिप्रेशन में थी और पिता आलम के साथ यहां रहती थी। उसका पास के निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था। सोमवार सुबह वह बिना बताए घर से निकली और ट्रेन के आगे कूदकर सुसाइड कर लिया।