अवैध कालोनियों के खिलाफ जीडीए ने अभियान शुरू कर दिया है। मंगलवार को कनावनी गांव में अवैध रूप से काटी गई कालोनी में बने करीब 50 मकानों को जीडीए टीम ने ध्वस्त कर दिया। स्थानीय लोगों ने कार्रवाई का जमकर विरोध किया लेकिन जीडीए का बुलडोजर नहीं रुका।
करीब पांच घंटे तक चली कार्रवाई के दौरान मौके पर भारी पुलिस बल भी तैनात रहा।जीडीए ओएसडी दयानंद प्रसाद, पीके शर्मा और घनश्याम तिवारी के नेतृत्व में मंगलवार सुबह करीब 11 बजे जीडीए की टीम दो जेसीबी और पुलिस बल के साथ मौके कनावनी गांव पहुंची।
जीडीए ने सबसे पहले एक दो मंजिला मकान को तोड़ने की कार्रवाई शुरू की। जीडीए की टीम को मकान तोड़ता देख मकान मालिक छत पर चढ़ गया। पुलिस ने उसे जबरन नीचे उतारा और मकान को ध्वस्त कर दिया। टीम ने कार्रवाई के दौरान करीब 50 से अधिक मकानों को ध्वस्त कर दिया।
कई लोगों की अधिकारियों से नोकझोंक भी हुई लेकिन कार्रवाई नहीं रुकी।
मनोरंजन की भूमि के लिए चिह्नित है जमीन
ओएसडी दयानंद प्रसाद ने बताया कि जिस जमीन पर प्लाटिंग की गई है, वह मास्टर प्लान 2021 के तहत मनोरंजन भूमि के लिए चिह्नित की गई है। इस पर प्लाटिंग नहीं की जा सकती। प्लाटिंग से पूर्व जीडीए से अनुमति लेनी होती है।
उन्होंने बताया कि यहां पर कई बार कार्रवाई की जा चुकी है, लेकिन लोग दोबारा से निर्माण शुरू कर देते हैं। डीलर आम लोगों को इस जमीन को आवासीय बताकर बेच रहे हैं।
कई लोगों ने मकान के अंदर खुद को बंद किया
कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों ने अपना घर बचाने के लिए खुद को घर के अंदर बंद कर लिया। 50 गज प्लॉट के मालिक धीरेंद्र कुमार की पत्नी ने खुद को कमरे में बंद कर लिया। पुलिस ने दरवाजा खुलवाने की काफी कोशिश की, लेकिन उन्होंने दरवाजा नहीं खोला।
इसके बाद टीम ने मकान की बाउंड्री वॉल तोड़ी और कार्रवाई करते हुए आगे पहुंची। टीम जब शबाना का मकान तोड़ने लगी तो शबाना ने भी खुद को कमरे में बंद कर लिया। पुलिस के सख्ती बरतने पर वह दरवाजा खोलकर वहां से भाग गई। इसके बाद मकान को तोड़ने की कार्रवाई की गई।
बिना नोटिस कार्रवाई करने का आरोप
स्थानीय लोगों ने बताया कि यहां पर करीब 400 छोटे-बड़े प्लाट कटे हुए हैं। पिछले करीब एक साल में करीब 50 लोगों ने यहां पर अपने घर बना लिए थे। करीब दो दर्जन से अधिक घरों में लोगों ने रहना भी शुरू कर दिया था। लोगों का आरोप है कि जीडीए की टीम ने बिना नोटिस दिए कार्रवाई की है। जीडीए कर्मियों ने कुछ घरों में रखा सामान भी बाहर फेंक दिया। स्थानीय निवासी ओमपाल शर्मा और अनिल ने बताया कि जीडीए की टीम पहले भी इस प्रकार की कार्रवाई कर चुकी है। यहां करीब 20 एकड़ जमीन आवासीय है। इस पर निम्न वर्ग के करीब दो दर्जन लोग निवास कर रहे थे।
जमा पूंजी लगाकर लोगों ने बनवाए थे घर
लोगों का कहना है कि उन्होंने अपनी जमा पूंजी लगाकर जमीन खरीदकर मकान बनाया था। जीडीए ने उनके घरों को तोड़कर उन्हें बेसहारा कर दिया। अब वह लोग मकान बनाने के लिए कहां से पैसा लाएंगे। लोगों ने बताया कि अधिकतर सभी घरों में बिजली के कनेक्शन हैं। जब कालोनी अवैध थी तो मकानों की रजिस्ट्री और कालोनी में बिजली कनेक्शन कैसे दिए गए।
सीआईएसएफ रोड पर हटाया गया अतिक्रमण
साहिबाबाद। इंदिरापुरम स्थित सीआईएसएफ रोड पर भी जीडीए की टीम ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। इस दौरान टीम ने सड़क किनारे लगी दुकानों, रहेड़ी पटरी और खोखे वालों को भी हटाया। जीडीए के प्रवर्तन प्रभारी पीके शर्मा ने बताया कि अतिक्रमण की कई बार शिकायत आई थी। इन्हें हटाने के लिए भी नोटिस दिया गया था लेकिन यह लोग अपनी दुकानें नहीं हटा रहे थे। इस पर 25 से अधिक दुकानों को हटाया गया।