नगर कोतवाली क्षेत्र की चमन कालोनी में नगर निगम की लापरवाही के कारण खुले नाले में गिरकर ढाई साल के मासूम की मौत हो गई। पांच जेसीबी पर मौजूद कर्मचारियों और पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों ने साढे़ चार घंटे के आपरेशन के बाद रात करीब ढाई बजे बच्चे का शव नाले से निकाला। निगम की लापरवाही से स्थानीय लोगों में रोष है। डीएम ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
मृतक उजैर पुत्र नौशाद निवासी चमन कालोनी था। नौशाद फाइबर शीट लगाने का काम करते हैं। उन्होंने बताया कि उनका ढाई साल का उजैर बृहस्पतिवार शाम करीब चार बजे घर से खेलने के लिए बाहर गया था।
शाम करीब पांच बजे तक जब वह घर नहीं लौटा तो परिवार के लोगों ने उसे तलाशना शुरू किया। जब वह नहीं मिला तो परिजनों ने पड़ोसी के घर पर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में देखा तो उसमें उजैर नाले की तरफ भागता हुआ दिख रहा था।
इसके बाद लोगों ने जब नाले के पास जाकर देखा तो उसकी चप्पल वहां पड़ी हुई थी, लेकिन उजैर वहां नहीं था। इस दौरान किसी ने नाले के कूड़े को हटा हुआ देखकर अंदाजा लगाया कि कहीं बच्चा नाले में तो नहीं गिर गया है।
शाम करीब सात बजे इसकी सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस-प्रशासन और एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और नाले की सफाई के लिए पांच जेसीबी मंगवाई गईं। रात करीब 10 बजे उसे ढूंढने का काम शुरू किया गया।
डीएम निधि केसरवानी और एसपी सिटी सलमान ताज भी मौके पर पहुंचे। रात करीब ढाई बजे बच्चे का शव मिला। शव निकलते ही मृतक के परिवार में कोहराम मच गया। एसपी सिटी का कहना है कि पुलिस के पास शिकायत आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
रेजिडेंट्स बोले, गिर चुके हैं कई बच्चे
कालोनी में रहने वाले रेजिडेंट्स ने बताया कि उनकी कालोनी में जस्सीपुरा, इस्लाम नगर से होकर एक नाला गुजरता है, जो कि हिंडन नदी में जाकर गिरता है। यह करीब सात फीट और चार फीट चौड़ा है।
उन्होंने बताया कि चार दिन पहले भी नाले में कालोनी का ही पांच साल का बच्चा ओवेस गिर गया था, लेकिन लोगों ने उसे गिरते हुए देख लिया था और बचा लिया था। करीब 10 दिन पहले कालोनी में ही रहने वाले साबिर का चार साल का बेटा फैजान भी नाले में गिर गया था।
एक सप्ताह पहले एक युवक भी शराब के नशे में नाले में गिर गया और घायल हो गया था। इसके अलावा एक माह पहले भी नाले में एक बच्चे की गिरकर मौत हो गई थी। बता दें कि छह मार्च को सुदामापुरी में नाले में गिरने से एक बच्चे की मौत हो गई थी।
निगम के अधिकारियों से कई बार की जा चुकी है शिकायत
लोगों का आरोप है कि वह इस नाले को पटवाने के लिए कई बार नगर आयुक्त और मेयर से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन किसी भी अधिकारी ने उनकी बात पर संज्ञान नहीं लिया है।
अगर आगे भी इस पर कार्रवाई नहीं की तो बच्चों के गिरने का सिलसिला रुकेगा नहीं। उन्होंने बताया कि छह माह पहले ही यह नाला बना है, तब से लेकर अब तक एक बार भी इस नाले की सफाई नहीं की गई है।