मसूरी पुलिस ने अवैध हथियार बनाने वाली फैक्ट्री का शुक्रवार को भंडाफोड़ किया। मौके से एक युवक को गिरफ्तार किया गया और एक पिस्टल, दो तमंचे और हथियार बनाने के उपकरण और सामग्री बरामद की। पुलिस ने आशंका जताई कि विधानसभा चुनाव में हथियारों की सप्लाई की जा सकती थी।
एएसपी आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि मसूरी पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर शुक्रवार सुबह नौ बजे मुगल गार्डन कालोनी में छापेमारी की। वहां एक खंडहर हो चुके मकान में अवैध हथियारों की फैक्ट्री चल रही थी। पुलिस ने पिपलैडा, धौलाना निवासी नईम को मौके से गिरफ्तार किया।
उसके साथ अवैध हथियारों को बनाने और सप्लाई करने का कारोबार चला रहे उसे दो साथी फरार हैं। नईम एलएलबी कर रहा था लेकिन छह महीने पहले उसने पढ़ाई छोड़ दी और फिर हथियार बनाने लगा।
फैक्ट्री से 32 बोर की एक देसी पिस्टल, दो तमंचे, एक दर्जन से अधिक कारतूस, एक दर्जन से अधिक अर्द्धनिर्मित तमंचे, आठ नाल, ड्रिल मशीन, भट्ठी, पंखा, आरी, हथौड़ा, छेनी और रेती बरामद की गई है।उन्होंने बताया कि मसूरी में हथियार बनाने की फैक्ट्री पिछले तीन महीने से चल रही थी।
हथियारों की सप्लाई विधानसभा चुनाव के दौरान करने की योजना थी। इनके साथियों की तलाश कर रही है। नईम पिस्टल और कारतूस बनाने में माहिर है जबकि उसके फरार साथी तमंचे बनाने में एक्सपर्ट हैं। ये अवैध हथियारों को मुंगेर, मेरठ, और लखनऊ के लिए सप्लाई करते थे।
एएसपी ने बताया कि पूछताछ में नईम ने बताया कि उसके गांव में बचपन में कुछ लोग हथियार बनाते थे, जिन्हें देखकर उसने हथियार बनाना सीखा। छह महीने पहले तक मेरठ के एक कॉलेज से एलएलबी कर रहा था। पैसों के लिए उसने और उसके साथियों ने अवैध हथियार बनाने की फैक्ट्री शुरू की थी।
तमंचा तीन हजार का, देसी पिस्टल 10 से 25 हजार की
नईम ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि तमंचे को तीन से पांच हजार रुपये में और देसी पिस्टल को 10 से 25 हजार रुपये में बेचते थे। इसके साथ ही ऑन डिमांड हथियार भी तैयार करते थे। पूछताछ में ये पता चला कि चुनाव को लेकर माल स्टॉक करने की तैयारी में थे।