साढे़ तीन साल की अबोध बच्ची से दुष्कर्म का प्रयास करने के आरोपी युवक को एससी/एसटी कोर्ट ने दोषी करार दिया है। न्यायाधीश सत्यप्रकाश त्रिपाठी ने दोषी युवक को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही कोर्ट ने 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में दोषी को अतिरिक्त कारावास काटना होगा।
मूल रूप से मैनपुरी जनपद के रानीपुर निवासी राजीव कुमार विजयनगर थाना क्षेत्र की एक कालोनी में रहता था। 17 फरवरी 2013 की शाम करीब छह बजे राजीव ने घर के बाहर खेलती एक साढे़ तीन साल की बच्ची को बहला-फुसलाकर अपने पास बुलाया और अपने कमरे पर ले गया।
यहां आरोपी ने बच्ची से दुष्कर्म का प्रयास किया। बच्ची के चीखने पर उसके माता-पिता ने खिड़की से आरोपी के कमरे में झांका तो अंदर का नजारा देखकर वह सकते में आ गए। इसके बाद शोर मचाने पर वहां काफी संख्या में भीड़ भी एकत्र हो गई। बाद में पब्लिक ने पकड़कर आरोपी की धुनाई की और उसे पुलिस के हवाले कर दिया था।
अभियोजन अधिकारी अजय कुमार मिश्रा के अनुसार यह मामला एससी/एसटी न्यायाधीश सत्यप्रकाश त्रिपाठी की कोर्ट में विचाराधीन था। दोनों पक्षों की बहस पूरी होने के बाद शनिवार को न्यायाधीश ने राजीव को दोषी करार देते हुए उसे आजीवन कारावास और बीस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।