ठेकेदारों से घूस मांगने के आरोपों में घिरीं जीएम जलकल को हटाने की कवायद शुरू हो गई है। महापौर ने मामले पर सख्ती दिखाते हुए नगर आयुक्त को कड़े शब्दों में पत्र भेजकर जीएम जलकल को कार्यमुक्त करने और उनके लिए घूस इकट्ठा करने के आरोपी कर्मचारी को भी निलंबित करने के निर्देश दे दिए हैं।
गौरतलब है कि योगी सरकार में जहां भ्रष्टाचार को खत्म करने की मुहिम चल रही है, वहीं भाजपा शासित नगर निगम में भ्रष्टाचार का मामला सामने आने से भाजपाइयों में भी हड़कंप मचा है।
एक दिन पहले जलकल विभाग की कांट्रेक्टर एसोसिएशन ने मेरठ मंडलायुक्त, नगर आयुक्त को ज्ञापन भेजकर जीएम जलकल पर फाइलों को पास करने की एवज में घूस मांगने का आरोप लगाया था। बुधवार को कांट्रेक्टर एसोसिएशन के पदाधिकारी महापौर अशु वर्मा से भी मिले।
आरोप है कि जीएम जलकल पहले से ज्यादा कमीशन मांगती हैं और न देने पर फर्म को प्रतिकूल प्रविष्टि देने और ब्लैक लिस्ट करने तक की धमकी देती हैं। शिकायत के आधार पर महापौर अशु वर्मा ने तत्काल नगर आयुक्त अब्दुल समद को कार्रवाई के आदेश दिए।
महापौर का कहना है कि जीएम जलकल मंजू गुप्ता और कर्मचारी रविश त्यागी के खिलाफ शिकायत की गई, जिस पर जीएम को तत्काल हटाने व कर्मचारी को निलंबित करने का आदेश दिया है। उधर, नगर आयुक्त का कहना है कि मामले की जांच कराई जा रही है। आरोप सही पाए गए तो कार्रवाई की जाएगी।