नेहरूनगर में डिप्रेशन की वजह से मीनाक्षी (34) ने फंदा लगाकर जान दे दी। सुसाइड नोट नहीं मिला। मीनाक्षी के पिता ने उसके पति के खिलाफ सिहानी गेट थाने में आत्महत्या के लिए मजबूर करने की रिपोर्ट दर्ज कराई। पति पुलिस की हिरासत में है।
मीनाक्षी अलीगढ़ के कासीमपुर पावर हाउस के पास की रहने वाली थी। उसके पिता ओमकार राघव हाइड्रिल विभाग के रिटायर्ड अफसर हैं। भाई शैलेंद्र ने बताया कि 2004 में मीनाक्षी की शादी गुड़गांव निवासी देवेंद्र से की थी। उनके दो बेटे, शौर्य (8) और प्रत्यक्ष (छह माह) हैं।
देवेंद्र गाजियाबाद के एक मॉल में सुपरवाइजर की नौकरी करता है। परिवार नेहरूनगर द्वितीय में किराए पर रहता था। देवेंद्र के पिता हरियाणा पुलिस से इंस्पेक्टर के पद से रिटायर्ड हैं। आरोप है कि देवेंद्र कई-कई दिनों तक घर नहीं आता था, परिवार की देखभाल नहीं करता था।
विरोध जताने पर पत्नी को प्रताड़ित करता था, जिससे वह डिप्रेशन में थी। मीनाक्षी की देखभाल के लिए उसकी मां भी अलीगढ़ से नेहरूनगर आई थीं। 20 दिन पहले वह प्रत्यक्ष को लेकर अलीगढ़ चली गई थीं।
एसएचओ कविनगर अशोक सिसौदिया ने बताया कि मीनाक्षी ने सोमवार रात कमरे में चुन्नी से फंदा बना पंखे पर लटककर जान दे दी। घटना के वक्त शौर्य घर के बाहर था। वह लौटा तो अंदर से दरवाजा बंद मिला। उसके रोने की आवाज सुनकर आस पड़ोस के लोग आए, जिन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शव बाहर निकाला।