चोरी और लूट के राष्ट्रीय बचत पत्रों (एनएससी) के भुगतान संबंधी केस का मामला अपने अंतिम दौर में है। सोमवार को बहस पूरी होने के बाद सीबीआई विशेष न्यायाधीश पवन कुमार तिवारी ने इस मामले में को निर्णय के लिए लगा दिया।
निर्णय के लिए कोर्ट ने फाइल को अब मंगलवार को (आज) तलब किया है। ऐसे में माना जा रहा है कि कोर्ट इस मामले में जल्द ही फैसला सुना सकती है। करीब 87.72 लाख रुपये का यह घोटाला ग्रेटर नोएडा के जेवर पोस्ट आफिस से संबंधित है।
तत्कालीन सहायक पोस्ट मास्टर पुनीत कुमार को सीबीआई ने इस मामले में आरोपी बनाया था। पुनीत पर आरोप है कि उसने बंगाल से लूट और चोरी के करीब 87.72 लाख रुपये के राष्ट्रीय बचत पत्रों का भुगतान कर दिया। धोखाधड़ी का यह खेल ठगों और सहायक पोस्ट मास्टर ने आपसी सांठगांठ से खेला गया।
सीबीआई के लोक अभियोजक अनुराग मोदी के अनुसार 24 अप्रैल 2006 से 30 जून 2007 के बीच किए गए इस गड़बड़झाले में सीबीआई ने 23 जुलाई 2012 को एफआईआर दर्ज की थी।
सोमवार को मामले की सुनवाई के चलते डासना जेल में बंद आरोपी पुनीत कुमार को कोर्ट में पेश किया गया। मामले में बहस पूरी होने के बाद विशेष न्यायाधीश ने फाइल को निर्णय में लगा दिया।
मुरादाबाद के डाक भर्ती घोटाले के आरोपी हुए पेश
मुरादाबाद में डाक भर्ती घोटाले के आरोपी सोमवार को सीबीआई विशेष न्यायाधीश राजेश कुमार की कोर्ट में पेश हुए। पेश हुए सभी पर आरोप है कि उन्होंने फर्जी मार्कशीट के माध्यम से मुरादाबाद में पोस्टल विभाग में भर्ती पा ली थी। जांच के बाद पता चला था कि भर्ती हुए कई लोगों की मार्कशीट फर्जी है।