नसबंदी कालोनी में दो दिन पूर्व हुए फैजान हत्याकांड का पुलिस ने शनिवार को खुलासा किया। अपहरण के बाद पकड़े जाने के डर से फैजान के फूफा ने उसकी हत्या कर दी थी। प्लॉट खरीदने के लिए फूफा को 50 हजार रुपये की जरूरत थी, जिसके लिए उसने फैजान का अपहरण किया था। पुलिस ने फूफा को गिरफ्तार कर लिया है।
एसपी ग्रामीण राकेश पांडे ने बताया कि गत 24 मार्च को अल्वी नगर नसबंदी कालोनी में यहीं के निवासी फैजान (14) का शव बोरे में मिला था। परिजनों की शिकायत पर अज्ञात हत्यारों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। फैजान 23 मार्च की दोपहर करीब 12 बजे से लापता था।
उसी शाम को फैजान की मां के पास एक फोन आया और फैजान का अपहरण किए जाने की बात बताई गई, लेकिन फिरौती नहीं मांगी गई। इसके बाद से अपहरणकर्ता का फोन बंद आ रहा था। दूसरे दिन सुबह फैजान का शव बरामद हुआ।
पुलिस ने अपहरणकर्ता का मोबाइल सर्विलांस पर लगाया, जो पुलिस को फैजान के फूफा नूर मोहम्मद निवासी बमरोली बिजनौर तक ले गया। नूर मोहम्मद ने ही अपहरण और हत्या की थी। वह भी बुद्धनगर नसबंदी कालोनी में रह रहा था।
पुलिस ने बताया कि नूर मोहम्मद को गांव में एक प्लाट खरीदा था, जिसके लिए 50 हजार रुपये की जरूरत थी, इसीलिए उसने फैजान का अपहरण किया था। फिरौती मांगने के लिए फोन भी किया, लेकिन डर की वजह से मांग नहीं सका।
फैजान को नूर मोहम्मद ने बुद्धनगर स्थित ही अपने साढू के घर पर रखा था। पकड़े जाने के डर से फैजान की गला घोंटकर हत्या कर दी थी। एसपी ग्रामीण ने बताया कि आरोपी नूर मोहम्मद को जेल भेज दिया गया है।
साढू घर की चाभी देकर बाहर गया था
साढू कुछ दिनों के लिए शहर से बाहर था, जिसके चलते उसने नूर मोहम्मद को अपने घर की चाभी दे दी थी। इसका फायदा उठाकर अपहरण और हत्या की साजिश रची गई।
पहली बार में फैजान को नहीं मार सका था
नूर मोहम्मद पहली बार में फैजान को नहीं मार सका था। पहली बार गला दबाने के दौरान फैजान बच गया था और अपनी मां से शिकायत करने की बात कही, जिसके बाद नूर मोहम्मद ने फैजान को पकड़ लिया और गला घोंट दिया।