प्रशासन के दावे के ठीक उलट हुक्का बार अभी भी चल रहे हैं। हालांकि दरवाजे बाहर से बंद नजर आते हैं लेकिन अंदर घुसते ही नशे में डूबे युवाओं का हुजूम सारे दावे की पोल खोल देता है। अमर उजाला की टीम ने रविवार को खुद हुक्का बारों की हकीकत जानी।
सीन:1 शालीमार गार्डन
अमर उजाला की टीम सबसे पहले सुबह 11:30 बजे शालीमार गार्डन पहुंची। यहां दरवाजा बंद मिला। तभी कुछ युवा आए और उन्होंने दरवाजा खटखटाया। इसके बाद दरवाजा खुला और वे अंदर चले गए। कुछ देर बाद एक युवती आई और दरवाजा खुलवाकर अंदर चली गई। अमर उजाला टीम जब अंदर पहुंची तो काफी संख्या में युवा धुएं के छल्ले उड़ाते दिखे। कौशांबी स्थित हुक्का बार में भी ऐसा ही नजारा था।
सीन:2 आदित्य मॉल इंदिरापुरम
इसके बाद 1: 30 बजे टीम आदित्य मॉल पहुंची। यहां दरवाजे पर एक बोर्ड लगा मिला, जिस पर लिखा था, 18 वर्ष की आयु से कम की एंट्री नहीं। हालांकि किसी से भी एज प्रूफ नहीं मांगा जा रहा था। याद दिला दें कि अमर उजाला ने हुक्का बारों में स्कूली बच्चों के जाने का खुलासा किया था। इसके बाद प्रशासन ने इन पर शिकंजा कसा था। तब से बार संचालकों ने नाबालिगों की एंट्री बैन की है।
सीन: 3 कौशांबी
दोपहर ढाई बजे अमर उजाला की टीम कौशांबी स्थित हुक्का बार पहुंची। बार के बाहर सुनसान था। अंदर जाने पर वहां हुक्का पीने वालों को हुजूम दिखाई दिया। इनमें कई युवतियां भी थीं। अमर उजाला टीम ने जब हुक्के की मांग की तो उन्होंने हुक्का देने से इंकार किया। संचालक ने कहा कि हुक्का फैसिलिटी सिर्फ रेग्युलर कस्टमर के लिए है। आप कैफे और खाने-पीने का सामान ऑर्डर कर सकते हैं। यहां भी कई बाउंसर तैनात थे।
सीन: 4 आदित्य मॉल इंदिरापुरम
शाम 7:30 बजे जब आदित्य मॉल स्थित ही एक अन्य हुक्का बार पर टीम पहुंची तो करीब आधा दर्जन युवा बार से बाहर निकल रहे थे। अमर उजाला की टीम ने उनकी फोटो ली तो वे वहां से चलते बने। साथ ही कहा कि अगर फोटो लेनी है तो अंदर जाकर लो। देर शाम तक भी अंदर दर्जनभर से अधिक किशोर और युवा हुक्के के कश लगा रहे थे।
अमर उजाला की पड़ताल के बाद बार के अंदर खड़े किए गए बाउंसर भी
बार संचालकों ने अब बाउंसर बाहर के बजाय अंदर खड़े करने शुरू कर दिए हैं। बाउंसर युवाओं पर नजर रखते हैं और यदि कोई भी मोबाइल से फोटो खींचने की कोशिश करता दिखता है तो तुरंत मना करते हैं।
पुलिसकर्मी ही देते हैं छापेमारी की सूचना
हुक्का बार के आसपास के दुकानदारों ने जानकारी दी कि कोई भी टीम आती है, तो पुलिस के साथ आती है। जबकि कुछ पुलिसकर्मियों की मिलीभगत से ही यह बार चल रहे हैं। पुलिसकर्मी टीम आने से पहले ही बार संचालकों को सूचना दे देते हैं। जिसके बाद संचालक किशोरों को बाहर निकालकर हुक्का छिपा देते हैं। टीम के जाते ही नशे का गोरखधंधा फिर शुरू हो जाता है।
अफसरों की सुनिए
फूड से टी अधिकारी अजय जायसवाल का कहना है कि हुक्का बार के लिए कोई लाइसेंस जारी नहीं किया गया है। डीएम ने इन पर प्रतिबंध लगा रखा है। यदि फिर भी कहीं चल हैं तो हुक्का बार पर छापा मारकर कार्रवाई की जाएगी।