गैंगरेप पीड़िता बिटिया का हाल देख काउंसलर भी सहम उठे। मंगलवार रात को पीड़िता के घर पहुंचे दोनों काउंसलरों ने काफी देर तक बिटिया से बातचीत की कोशिश की लेकिन वह इस कदर सदमे में है कि मुंह से बोल नहीं निकल रहे। काउंसलरों का कहना है कि वारदात से किशोरी के मन पर गहरा आघात लगा है। थोड़े वक्त बाद सदमे से उबारने के लिए इसकी काउंसलिंग की जाएगी।
घुप्प अंधेरे में डूबी सीढ़ियां दो मंजिले पर जाती हैं। दूसरी मंजिल पर एक कमरा है और छोटा सा बरामदा। बरामदे के ऊपर खुली छत। इन दिनों बरामदे व छत पर नेताओं का मेला लगा रहता है। मीडियाकर्मियों का हुजूम है और तमाशबीनों की भी कमी नहीं। अंदर कमरे में बिटिया एक चारपाई पर गुमसुम पड़ी रहती है।
वह किसी से बात नहीं करती। वह मानसिक व शारीरिक पीड़ा एक साथ झेल रही है। उसकी यह हालत देखकर काउंसलर भी सहम गए।उससे मिलकर बाहर निकली भाजपा नेता मीना भंडारी ने कहा कि उसने बहुत कोशिश की बिटिया से बात करने की लेकिन वह तैयार नहीं हुई।
उन्होंने महसूस किया कि बिटिया को अस्पताल में भर्ती कराना चाहिए वर्ना कहीं उसकी हालत और न खराब हो जाए। पीड़ित किशोरी के भाई ने कहा कि कभी मेरी बहन सबको घर में हंसाती रहती थी। उसने बताया कि घटना की रात घटनास्थल पर उसी ने मेरे बंधे हाथों की रस्सी खोली थी और फिर हम लोग सब मिलकर सिर्फ रोते रहे। इस सदमे से कब उबर पाएंगे, कुछ कह नहीं सकते।