अभयखंड इलाके में मीडियाकर्मी से बदमाशों ने लूटपाट की। विरोध करने पर उनके सिर में तमंचे की बट मारकर घायल कर दिया। सूचना पर पहुंची पीसीआर वैन पर तैनात दो कांस्टेबलों ने लुटेरों को पकड़ने के बजाय मीडियाकर्मी को अस्पताल जाने की नसीहत दी।
ट्वीट कर डीजीपी से इसकी शिकायत की गई तो पुलिस अफसर हरकत में आए। लापरवाही बरतने पर दोनों कांस्टेबलों को लाइन हाजिर और चौकी प्रभारी का स्थानांतरण कर दिया गया है
अभयखंड निवासी आलोक कुमार दिल्ली के एक मीडिया संस्थान में कार्यरत हैं। मंगलवार शाम वह ज्ञानखंड निवासी बहन से मिलने गए थे। देर रात घर लौट रहे थे कि अभयखंड में बाइक सवार पांच-छह बदमाशों ने उन्हें रोका और कनपटी पर तमंचा तान दिया।
बदमाशों ने उसने साढ़े पांच हजार रुपये और मोबाइल लूट लिया। विरोध पर उनके साथ मारपीट की और तमंचे की बट सिर में मारकर उन्हें घायल कर दिया। लोगों की मदद से पीड़ित ने 100 नंबर पर कॉल कर सूचना दी।
मौके पर पहुंचे पीसीआर वैन-46 पर तैनात कांस्टेबल सचिन शर्मा और सुरजीत ने उनसे कहा कि ‘इलाज करवाइए, कहां एफआईआर के चक्कर में पड़े हैं।’ लोगों की मदद से आलोक ने दोस्तों को बुलाया और सीएम, डीजीपी, एसएसपी को ट्वीट किया।
आरोप है कि चौकी इंचार्ज ने भी मामले में लापरवाही दिखाते हुए रिपोर्ट दर्ज करने में देरी की। बुधवार दोपहर एसएसपी ने दोनों कांस्टेबलों को लाइन हाजिर कर दिया जबकि चौकी इंचार्ज अभयखंड सुनील नेगी का तबादला भोजपुर कर दिया।
सीओ इंदिरापुरम अतुल यादव ने बताया कि अगर कोई और पुलिसकर्मी लापरवाही दिखता है तो इसी तरह सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में पुलिसकर्मियों की विभागीय जांच भी जा रही है।