शटडाउन के बावजूद हाईटेंशन लाइन में करंट आ जाने से शुक्रवार देर रात पावर कारपोरेशन के एक लाइनमैन की मौत हो गई। लाइनमैन गोविंदपुरम में एक फाल्ट को अटेंड करने पहुंचे थे। लाइनमैन के बेटे ने कारपोरेशन के जेई, एसएसओ समेत तीन लोगों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कविनगर थाने में तहरीर दी है। उधर, पावर कारपोरेशन ने हादसे की जांच के लिए टीम गठित कर दी है।
स्वर्णजयंतीपुरम निवासी रामअधार सिंह (50) पावर कारपोरेशन के स्थायी कर्मचारी थे। शुक्रवार देर रात 11:15 बजे गोविंदपुरम में हाईटेंशन लाइन (11 हजार केवी) फाल्ट को अटेंड करने गए थे।
रामअधार सिंह के बेटे मनीष राजपूत ने बताया कि उनके पिता शटडाउन लेकर एक अन्य कर्मचारी के साथ गोविंदपुरम पहुंचे और पोल पर चढ़कर फाल्ट ठीक करने लगे। उसी दौरान लाइन में सप्लाई चालू कर दी गई।
करंट लगने से रामअधार सिंह पोल से नीचे गिर गए। मनीष का आरोप है कि हादसे के बाद मदद करने की बजाय उसके पिता के साथ गया कर्मचारी मौके से भाग गया। जेई या कोई अन्य अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।
अधिकारियों ने फोन भी रिसीव नहीं किया। बाद में कालूराम नाम के लाइनमैन ने अन्य लोगों की मदद से रामअधार सिंह को सर्वोदय अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मनीष ने जेई, बिजलीघर पर तैनात एसएसओ और मौके से भागे कर्मचारी के खिलाफ कविनगर थाने में तहरीर दी है।
हादसे की जांच अन्य सब-स्टेशन के एसडीओ को सौंपी गई है। प्रथम दृष्टया लग रहा है कि या तो एसएसओ और लाइन मैन के बीच शटडाउन को लेकर ठीक से कम्यूनिकेशन नहीं हो पाया होगा या लाइन में जनरेटर का बैक करंट आने से हादसा हुआ होगा। जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर मौत की सही वजह पता चल सकेगी। - मनीष कुमार, अधिशासी अभियंता, पावर कारपोरेशन
बेटे को मिलेगी नौकरी
पावर कारपोरेशन के अधिकारियों का कहना है कि इंसान की भरपाई तो नहीं हो सकती, लेकिन रामअधार के परिवार को विभाग से पूरी मदद मिलेगी। रामअधार की जगह उनके बेटे को विभाग में नौकरी मिलेगी।