पूर्व नगर आयुक्त जितेंद्र सिंह के खिलाफ शासन की जांच के बाद अब विजिलेंस जांच शुरू हो गई है। विजिलेंस विभाग ने निगम अफसरों से पूर्व नगर आयुक्त के कार्यकाल के समय के दस्तावेज मांगे हैं। हालांकि दो बार पत्र भेजे जाने के बावजूद निगम अफसरों ने अभी तक दस्तावेज विजिलेंस को उपलब्ध नहीं कराए हैं।
इस पर सतर्कता विभाग ने कड़ी नाराजगी जताई है। विजिलेंस अधिकारियों ने नगर आयुक्त से इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारियों का ब्योरा भी मांगा है।पूर्व नगर आयुक्त जितेंद्र सिंह पर नियमों को दरकिनार कर बिल्डरों से लैंड एक्सचेंज, खोखे आवंटन समेत कई आरोप लगे थे।
शासन ने उनके कार्यकाल के सभी निर्णयों को निरस्त कर जांच बैठा दी थी। फरवरी 2013 में सेवानिवृत्त हुए पूर्व नगर आयुक्त के खिलाफ अब विजिलेंस (सतर्कता अधिष्ठान) ने जांच शुरू कर दी है। विजिलेंस ने जांच से संबंधित दस्तावेज मांगे तो वर्तमान नगर आयुक्त ने जांच में सहयोग के लिए अपर नगर आयुक्त डीके सिन्हा को नोडल अधिकारी नियुक्त किया था।
अब एसपी विजिलेंस ने नगर आयुक्त को पत्र भेजकर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने पत्र में कहा है कि कई बार पत्र भेजने और टेलीफोन पर हुई वार्ता के बावजूद अभी तक पूर्व नगर आयुक्त की जांच से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। ऐसा लगता है कि अभिलेख उपलब्ध कराने में जानबूझकर लापरवाही बरती जा रही है।
एसपी विजिलेंस ने नगर आयुक्त से कहा है कि जांच से संबंधित दस्तावेज जल्द से जल्द उपलब्ध कराएं और दस्तावेज उपलब्ध न कराकर जांच में विलंब करने वाले कर्मचारी-अधिकारी पर दोष का निर्धारण कर उनका सेवा विवरण भी उपलब्ध कराया जाए।
माना जा रहा है कि अब इस जांच को अटकाने वाले कर्मचारी-अधिकारी पर भी कार्रवाई हो सकती है। उधर, अपर नगर आयुक्त डीके सिन्हा का कहना है कि जांच में सहयोग किया जा रहा है। दस्तावेज उपलब्ध कराए जाएंगे।