औद्योगिक क्षेत्राें में खाली पडे़ प्लाटों को उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम (यूपीएसआईडीसी) कैंसल करने जा रहा है। इन प्लाटों का आवंटन नए आवेदकों को किया जाएगा। यूपीएसआईडीसी ने इस दिशा में कवायद तेज कर दी है और प्लाटों की सूची बनाई जा रही है।
असल में उद्योग लगाने के लिए प्लाट आवंटित होने के बावजूद उनमें फैक्ट्रियां शुरू नहीं की गई, ऐसे में इन प्लाटों को वापस लेने का निर्णय लिया गया है।यूपीएसआईडीसी के क्षेत्रीय प्रबंधक अजय यादव ने बताया कि सभी औद्योगिक क्षेत्रों में खाली प्लाट हैं, जिस पर वर्षों बीत जाने के बावजूद कोई फैक्ट्री नहीं लगी है।
इस दशा में इन जमीनों को वापस लिया जाएगा, जिससे नए उद्योगों को लगाने के लिए इन प्लाटों को आवंटित किया जा सके। इसका डाटा तैयार किया जाएगा। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों से अनुमति लेने के बाद प्लाटों का आवंटन कैंसल किया जाएगा। नए आवेदकों को प्लाट दिया जाएगा, जो उद्योग लगाने के इच्छुक हैं।
विभागीय अधिकारी खाली प्लाटों की लिस्टिंग कर रहे हैं, जल्द पूरी रिपोर्ट बनाकर मुख्यालय को भेजी जाएगी। इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।यूपीएसआईडीसी के मुताबिक जिन प्लाटों को 30 वर्ष पहले आवंटित किया गया था और अभी तक वहां उद्योग शुरू नहीं हुए हैं, उन्हें पहले चिह्नित किया जा रहा है।
नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने को नहीं बची जमीन
गाजियाबाद में नए औद्योगिक क्षेत्रों को विकसित करने के लिए जमीन ही नहीं बची है। औद्योगिक क्षेत्र में प्लाटों को आवंटित किया जा चुका था, इस लिए नए उद्योग नहीं लग पा रहे थे, लेकिन जिन लोगों ने उद्योग लगाने के लिए जमीन ली थी, उन्होंने उद्योग शुरू ही नहीं किया।
ऐसे में इन जमीनों को वापस लेकर औद्योगिक क्षेत्र का विकास किया जाएगा।