गाजियाबाद। रेलवे स्टेशन पर बैग में बम होने की सूचना से शनिवार दोपहर हड़कंप मच गया। आरपीएफ और जीआरपी के साथ-साथ सिविल पुलिस ने स्टेशन परिसर को घेर लिया। डॉग स्क्वाएड और बम स्क्वाएड के साथ सभी प्लेटफार्म से लेकर कूड़ेदान तक को खंगाल दिया गया।
करीब दो घंटे तक चली चेकिंग के बावजूद बम या कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। इसके बाद रेलवे प्रशासन और सुरक्षा बलों ने राहत की सांस ली। अब फर्जी सूचना देने वाले की तलाश की जा रही है।
दोपहर करीब 3:40 बजे पुलिस कंट्रोल रूम पर किसी ने कॉल कर सूचना दी कि रेलवे स्टेशन पर एक बैग में बम रखा हुआ है और वह फटने वाला है। इसकी सूचना सिविल पुलिस ने तत्काल जीआरपी को दी।
जीआरपी थाना प्रभारी, आरपीएफ इंस्पेक्टर और विजय नगर एसएचओ ने पुलिस बल के साथ मिलकर सबसे पहले प्लेटफार्म नंबर-1/2 को घेर लिया। सबसे ज्यादा भीड़ इसी प्लेटफार्म पर रहती है और मेरठ, मुरादाबाद, कानपुर रूट की कई ट्रेनें इसी समय यहां से गुजरती हैं।
यात्रियों को एक तरफ करने के बाद सुरक्षा बलों ने यात्रियों के सामान की चेकिंग की। आरपीएफ-जीआरपी ने प्लेटफार्म पर रखे डस्टबिन भी खंगाल डाले। डॉग और बम स्क्वाएड को बुलाकर अधिकारियों ने वेटिंग हॉल, टॉयलेट्स, सर्कुलेटिंग एरिया में भी चेकिंग कराई, लेकिन बम या संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।
पहले भी आ चुकी फर्जी कॉल
स्टेशन और हावड़ा रूट की कई ट्रेनों को बम से उड़ाने की धमकी पहले भी मिल चुकी है। बीते साल लखनऊ शताब्दी, लिच्छवी समेत कई ट्रेनों में अलग-अलग दिनों में बम रखे होने की सूचना मिली थी। गाजियाबाद में इन ट्रेनों को रुकवाकर चेकिंग कराई गई थी। हालांकि बम नहीं मिला और कॉल फर्जी निकली थी। बावजूद इसके ऐसी सूचनाओं को सुरक्षा बलों के लिए अनदेखा करना संभव नहीं है।
सिविल पुलिस कंट्रोल रूम से स्टेशन पर बम होने की सूचना मिली थी। इसके बाद पूरे स्टेशन पर करीब दो घंटे सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। बम नहीं मिला। कॉल कर फर्जी सूचना देने वाले का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। - रणधीर सिंह, सीओ, जीआरपी