प्रॉपर्टी डीलर धीरज हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। अवैध संबंधों व संपत्ति हड़पने के लिए उसकी पत्नी प्रीति ने प्रेमी वरुण और नेशनल तैराक सायरा सिरोही के पिता जयदीप के साथ मिलकर हत्या कराई थी। कविनगर पुलिस ने प्रीति और वरुण को गिरफ्तार कर वारदात में इस्तेमाल 9 एमएम कीदो पिस्टल और बाइक बरामद की है, जबकि जयदीप और शूटर मोनू फरार हैं।
उल्लेखनीय है कि 26 जून की रात करीब नौ बजे धीरज की सदरपुर में गोलियां बरसाकर हत्या कर दी गई थी। उसके पिता जगवीर को भी दो गोली मारी गई थी, उनका सर्वोदय अस्पताल में उपचार चल रहा है।
धीरज के चाचा सुंदर ने जयदीप समेत चार लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कराई थी। एसपी सिटी सलमान ताज ने बुधवार को प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि जयदीप को छोड़कर नामजद किए गए बाकी तीनों आरोपी बेकुसूर हैं। हत्या जयदीप निवासी आरकेपुरम, वरुण निवासी ग्राम मोर, थाना टप्पल, अलीगढ़ और शूटर मोनू ने की थी। साजिश में धीरज की पत्नी प्रीति भी शामिल थी।
उन्होंने बताया कि धीरज, वरुण का फुफेरा भाई था और करीब पांच साल से धीरज के साथ सदरपुर में रहकर प्रॉपर्टी के बिजनेस में उसकी मदद करता था। वरुण के प्रीति से अवैध संबंध हो गए थे।
इसी दौरान चेक बाउंस के मामले में धीरज पहले फिरोजाबाद से और फिर जानलेवा हमले के मामले में बुलंदशहर से जेल गया था। वह 19 फरवरी को ही जेल से छूटा था। धीरज को दोनों के संबंधों के बारे में पता चला तो उसने वरुण को घर से निकाल दिया।
इसके बाद से धीरज-प्रीति में भी झगड़ा रहने लगा। प्रीति ने इसकी शिकायत पुलिस से की और बच्चों को छोड़कर वरुण के साथ रहने लगी। महिला थाने में धीरज और प्रीति की काउंसलिंग हुई, जिसके बाद दोनों फिर से साथ रहने लग।
इस दौरान वरुण सेक्टर-23 संजयनगर में कमरा लेकर रहने लगा और प्रीति के साथ मिलकर धीरज को रास्ते से हटाने की साजिश रचने लगा। दोनों फोन पर बातें करते थे। दूसरी तरफ, रिटायर्ड सिपाही जयदीप ने तीन रुपये सैकड़ा ब्याज की दर से करीब डेढ़ करोड़ रुपये धीरज को दिए हुए थे।
उस पैसे को धीरज ने 8 रुपये सैकड़ा ब्याज पर लोगों को दे रखा था। जयदीप उससे अपना पैसा मांग रहा था लेकिन धीरज टाल मटोल कर रहा था। इससे नाराज जयदीप भी उसकी हत्या करना चाहता था। वह कई बार धीरज को धमकी भी दे चुका था।
जयदीप को पता चला कि वरुण और प्रीति के संबंध हैं, वह दोनों भी धीरज की हत्या करना चाहते हैं। वरुण और जयदीप भी आपस में रिश्तेदार हैं, लिहाजा दोनों ने प्रीति केसाथ मिलकर हत्या की साजिश रची।
तय हुआ कि धीरज के मरने के बाद उसकी आधी प्रॉपर्टी जयदीप ले लेगा और आधा हिस्सा प्रीति-वरुण का रहेगा। जयदीप ने मोनू नाम के शूटर को हायर किया। पहले यह 22 जून की शाम उसकी हत्या करना चाहते थे, मगर धीरज के पास आफिस में उस दिन कई लोग बैठे थे, इसलिए प्लानिंग फेल हो गई।
फिर 26 जून की शाम प्रीति ने वरुण को फोन कर बताया कि धीरज अपने पिता के साथ फार्म हाउस में बैठा है, आज उसे मारा जा सकता है। इस सूचना पर तीनों बाइक से धीरज के फार्म हाउस पर गए।
मोनू और वरुण ने वारदात को अंजाम दिया और फार्म हाउस के बाहर खड़े जयदीप के साथ बाइक पर भाग गए। फार्म हाउस में लगे सीसीटीवी कैमरे में भी दो लोग नजर आ रहे थे।
वीडियो न बनाता तो बच जाता धीरज
मोबाइल से एक मिनट 13 सेकेंड का जो वीडियो धीरज ने अपनी जान बचाने के लिए बनाया था, वही उसकी मौत का सबब बन गया। दरअसल, यह वीडियो हत्या की साजिश की फुलप्रूफ प्लानिंग का सबसे बड़ा हिस्सा था।
पुलिस सूत्रों की मानें तो प्रीति और वरुण सावधान इंडिया, क्राइम पेट्रोल और सीआईडी जैसे सीरियल देखने के शौकीन हैं। वीडियो बनवाने का आइडिया भी उन्हें इन्हीं सीरियलों से आया। तीनों करीब एक माह से धीरज की हत्या की साजिश रच रहे थे।
लेकिन उन्हें डर था कि अगर धीरज की हत्या हुई तो शक प्रीति और वरुण पर ही जाएगा, क्योंकि वह दोनों के संबंधों का विरोध करता था। लिहाजा प्रीति ने वीडियो बनाने के लिए धीरज का ब्रेन वॉश करना शुरू किया।
वह उससे कहती थी कि उसके पैसों के लेनदेन को लेकर झगड़े रहते हैं। ऐसे में अगर वह ऐसे लोगों के खिलाफ वीडियो बनाकर रख लेगा, जिनसे उसे जान का खतरा हो सकता है तो वह लोग उससे डरे रहेंगे।
वीडियो को वह परिवार के सदस्यों से भी शेयर कर ले और उन लोगों तक भी यह मैसेज पहुंचा दे। पहले तो धीरज ने मना किया, मगर करीब एक सप्ताह पहले वह राजी हो गया और उसने यह वीडियो बना लिया।
वीडियो में धीरज पांच लोगों के नाम ले रहा है, इनमें जयदीप का जिक्र नहीं है। अगर यह वीडियो धीरज न बनाता तो शायद उसकी जान बच सकती थी। वीडियो पुलिस को भी प्रीति ने ही दिया था। एसपी सिटी ने बताया कि हत्यारोपियों की यह फुलप्रूफ प्लानिंग थी, मगर पुलिस छानबीन में यह फेल हो गई।
12 सेकेंड में अंजाम दी थी वारदात
सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा है कि हेलमेट पहने दो हमलावर महज 12 सेकेंड में वारदात कर भाग जाते हैं। 9 बजकर 14 मिनट 48 सेकेंड पर ऑफिस में दाखिल होते हैं और 9:15 बजे गोलियां चलाते हुए भागते हुए दिख रहे हैं। पुलिस ने 22 जून की सीसीटीवी फुटेज चेक नहीं की है, हो सकता है कि उसमें भी हमलावर दिख रहे हों।
प्रीति के मोबाइल की कॉल डिटेल ने बदल दी पुलिस जांच
धीरज हत्याकांड के बाद परिजनों ने जिन चार लोगों को नामजद कराया था, उनमें से तीन को पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। पुलिस को छानबीन में पता चला कि तीनों आरोपियों का धीरज से लेनदेन अब नहीं है।
आरोपियों से ही पुलिस को वरुण और प्रीति की लव स्टोरी पता चली। पुलिस ने प्रीति की कॉल डिटेल खंगाली तो हैरत में रह गए, दोनों लंबी-लंबी बातें और व्हाट्स एप चैटिंग किया करते थे। वारदात के दौरान आधे घंटे में उसने वरुण को 10 से ज्यादा कॉल और मैसेज किए थे।
वरुण के मोबाइल की लोकेशन भी सदरपुर ही थी। पुलिस ने वरुण को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो वारदात का खुलासा हो गया। दूसरी तरफ, पुलिस ने जयदीप के बारे में जानकारी की तो पता चला कि वह वारदात के बाद से ही परिवार के साथ भागा हुआ है। शूुटर मोनू कहां का रहने वाला है और उसने हत्या के लिए कितनी सुपारी ली, यह जयदीप जानता है। दोनों की तलाश जारी है।
बच्चों का क्या कुसूर
धीरज और प्रीति के तीन बच्चे हैं, 8 साल की बेटी और छह-छह साल के दो जुड़वां बेटे। लोगों की जुबान पर यही सवाल है कि उनका क्या कुसूर। उनके पिता की हत्या हो गई। मां जेल में रहेगी। बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।
अखबारों की सुर्खियां रहा है जयदीप
जयदीप यूपी पुलिस में हेड कांस्टेबल था। तीन साल पहले उसने वीआरएस ले लिया था। अब वह वांडेट है, मगर कभी वह प्रेरणा दायक खबरों में अखबारों की सुर्खियां रहा है। दरअसल, उसकी बेटी सायरा सिरोही नेशनल तैराक थी।
जब भी सायरा का जिक्र आता तो जयदीप का जिक्र भी आता था। वह कहता था कि उसने बेटी को नेशनल तैराक बनाने के लिए ही पुलिस की नौकरी से वीआरएस लिया था। बता दें कि सायरा ने 24 जनवरी की रात आत्महत्या कर ली थी। हालांकि यह अभी भी राज है कि सायरा ने आत्महत्या क्यों की थी।
जगवीर की बढ़ाई गई सुरक्षा
जगवीर के परिवारवालों ने उनकी जान का खतरा बताते हुए सुरक्षा की मांग की। उनका कहना है कि जयदीप फिर से जगवीर की हत्या की कोशिश कर सकता है। पुलिस ने सर्वोदय अस्पताल में भर्ती जगवीर की सुरक्षा बढ़ा दी है। 24 घंटे दो पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है।
फार्म हाउस पर फिर फायरिंग...खुलासा अधूरा
धीरज के चाचा और केस के वादी सुंदर सिंह का कहना है कि फार्म हाउस में मंगलवार रात करीब साढ़े 10 बजे दो लोग घुस आए थे। कुछ ढूंढने की कोशिश कर रहे थे, उन्होंने शोर मचाया तो वह फायरिंग करते हुए भाग गए।
उन्होंने तुरंत कंट्रोल रूम में फोन कर पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौकेपर पहुंची और छानबीन की। पुलिस के सामने भी उन्होंने घर में घुसने की कोशिश की, पुलिसकर्मियों ने उनका पीछा किया तो वह भाग गए।
उन्होंने घर की सुरक्षा बढ़ाए जाने की मांग की है। दूसरी तरफ, सुंदर का कहना है कि पुलिस ने अधूरा खुलासा किया है। इस मामले में जो लोग नामजद हैं, वह भी आरोपी हैं, पुलिस उन्हें बचा रही है।