नहटौर में कब्रिस्तान में शव दफनाने को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया। दोनों पक्षों के आमने-सामने आने से तनातनी का माहौल पैदा हो गया। लोगों के समझाने पर दोनों पक्ष बमुश्किल शांत हुए। इसके बाद लोगों ने शव को दफना दिया।
गांव जसमौरा निवासी इशाहक अहमद की 90 वर्षीय पत्नी रईसा का निधन हो गया था। उसे गांव के कब्रिस्तान में दफनाने के लिए लोग ले गए। दफनाने के लिए कब्र खोद दी गई। कब्रिस्तान के पास ही स्थित स्कूल स्वामी फुुरकान अहमद ने कब्र स्कूल के रास्ते में खोदने का आरोप लगाते हुए विरोध जताया। कब्र दूसरे स्थान पर खोदने की बात कही। कई ग्रामीणों ने खोदी कब्र को सही बताते हुए उक्त भूमि को कब्रिस्तान का हिस्सा बताया। इस मामले को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई। दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए। मामला बढ़ता देख लोगों ने हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को समझाबुझाकर शांत किया। थानाध्यक्ष अता मोहम्मद ने मामले की जानकारी से इंकार किया है।