आटो सवार बदमाशों ने शुक्रवार रात गौड़ ग्रीन चौराहे की सर्विस रोड पर एक साफ्टवेयर इंजीनियर से चाकू के बल पर मोबाइल, पर्स और लैपटॉप लूट लिया। विरोध करने पर बदमाशों ने सिर में चाकू मारकर इंजीनियर को घायल कर दिया और रास्ते में फेंक कर भाग गए। आरोप है कि इंदिरापुरम और गाजीपुर थाने की पुलिस सीमा विवाद में उलझी रही और रिपोर्ट दर्ज नहीं की।
कृष्ण मिश्र अशोक नगर दिल्ली के रहने वाले हैं। वह नोएडा सेक्टर- 63 में एक कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। वह शुक्रवार रात करीब नौ बजे आनंद विहार जाने के लिए नोएडा सेक्टर-62 से एक ऑटो में बैठे। ऑटो में पहले से दो लोग बैठे थे। उन्होंने बताया कि एनएच-24 पर पहुंचने के बाद ऑटो चालक ने रास्ते में जाम लगे होने की बात कहते हुए गौड़ ग्रीन चौराहा से ऑटो को इंदिरापुरम की ओर मोड़ दिया। उसने कहा कि कि वैशाली होते हुए आनंद विहार जाएंगे।
वे गौड़ ग्रीन चौराहा के पास सर्विस रोड पर पहुंचे ही थे कि ऑटो में सवार दो बदमाश उनके गले पर चाकू रखकर लैपटॉप, मोबाइल और पर्स लूटने लगे। उन्होंने विरोध किया तो एक बदमाश ने सिर में चाकू मारकर उन्हें घायल कर दिया। इससे वह बेहोश हो गए। होश में आने पर उन्होंने खुद को गाजीपुर थाना दिल्ली के पास सड़क के किनारे पड़ा पाया। उन्होंने गाजीपुर थाना में घटना की जानकारी दी और लाला लाजपत राय अस्पताल, खिचड़ीपुर में इलाज कराया।
कृष्णा ने बताया कि खिचड़ीपुर में प्राथमिक उपचार कराने के बाद गाजीपुर थाना पुलिस देर रात उन्हें लेकर घटनास्थल पर आई और मामला इंदिरापुरम थाना का बताया। गाजीपुर पुलिस ने उन्हें अपनी गाड़ी से इंदिरापुरम थाना पहुंचाया। इंदिरापुरम थाना पुलिस ने नोएडा या गाजीपुर का मामला बताकर उन्हें वापस भेज दिया। लगातार चक्कर लगाने के बाद शनिवार सुबह करीब साढ़े चार बजे वह दोबारा इंदिरापुरम थाना पहुंचे, तब पुलिस ने उनकी तहरीर पर मुहर लगाकर वापस भेज दिया।
सीओ इंदिरापुरम अनिल यादव ने बताया कि घटनास्थल गाजीपुर थाना, दिल्ली की है। वहां की पुलिस को रिपोर्ट दर्ज करनी चाहिए। यदि जांच में मामला इंदिरापुरम थाना का निकलता, तो विवेचना स्थानांतरित करानी चाहिए।
नहीं दर्ज हुई रिपोर्ट
शनिवार दोपहर में इंदिरापुरम पुलिस ने उन्हें कॉल कर बुलाया और पीसीआर से खोड़ा थाना ले जाकर पकड़े गए दो बदमाशों की पहचान कराई, लेकिन दोनों इस लूट में शामिल नहीं निकले। पुलिस उन्हें लेकर इंदिरापुरम थाना आ गई। थाना पर पुलिस ने मामला गाजीपुर थाना का होने की बात कहकर वापस भेज दिया।