एनआरएचएम घोटाला प्रकरण के एक मामले में आगरा में तैनात रहे फार्मासिस्ट सुभाष चंद बघेल और चश्मा सप्लाई करने वाली फर्म एसएस ट्रेडिंग कंपनी के मालिक अनिल कुमार सक्सेना पर धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार की धाराओं में मुकदमा चलेगा।
सोमवार को सीबीआई विशेष न्यायाधीश पवन कुमार तिवारी ने दोनों आरोपियों के खिलाफ चार्जफ्रेेम की कार्रवाई कर दी। सुनवाई के लिए कोर्ट ने अब 9 मई की तारीख नियत की है।
सीबीआई लोक अभियोजक अनुराग मोदी के अनुसार आगरा में एनआरएचएम योजना के तहत 6 से 10 साल तक के बच्चों को चश्मे वितरित किए जाने थे। आगरा के तत्कालीन फार्मासिस्ट सुभाष चंद बघेल और एसएस ट्रेडिंग कंपनी के मालिक अनिल कुमार सक्सेना ने फर्जी बिल बनाकर एनआरएचएम फंड की बंदरबांट कर ली।
फर्जी बिल बनाकर चश्मों की खरीद-फरोख्त दिखाई गई। इसके बाद फार्मासिस्ट ने उनका वितरण भी दर्शा दिया, जबकि हकीकत यह थी कि कोई चश्मा खरीदना ही नहीं गया था। इससे सरकार को 3.52 लाख रुपये का नुकसान हुआ।
लोक अभियोजक ने बताया कि इस मामले में आगरा के तत्कालीन सीएमओ (परिवार कल्याण) विजय कुमार श्रीवास्तव को सीबीआई ने अपनी चार्जशीट में आरोपी बनाया था, मगर पूर्व में उनकी मृत्यु हो जाने के चलते कोर्ट उनके खिलाफ फाइल बंद कर चुकी है।
‘दस जुलाई को एके लाल कोर्ट में करें सरेंडर’
गाजियाबाद। रिश्वत लेने केआरोप में रंगेहाथ गिरफ्तार हुए यूपी के सीनियर पीसीएस अफसर एके लाल की तीन माह की शार्ट टर्म बेल का आदेश सीबीआई कोर्ट में पेश कर दिया गया है। सोमवार को बचाव पक्ष के अधिवक्ता सीबीआई कोर्ट पहुंचे और 3 अप्रैल को जारी हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश को पेश कर दिया।
विशेष न्यायाधीश पवन कुमार तिवारी ने अब आरोपी को 10 जुलाई को कोर्ट में सरेंडर करने का आदेश दिया है। बता दें कि एके लाल को आज कोर्ट में सरेंडर करना था, मगर इससे पूर्व ही हाईकोर्ट ने उनकी शार्ट टर्म बेल को तीन माह के लिए बढ़ा दिया है।