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एमबीबीएस में चल रहा बड़ा रैकेट

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एमबीबीएस में प्रवेश दिलाने के नाम पर कोचिंग सेंटर चला रहे रैकेट
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गाजियाबाद। एमबीबीएस में दाखिला दिलाने के नाम पर कोचिंग सेंटर रैकेट चला रहे हैं। रविवार को नीट में शामिल हुए मुन्नाभाइयों ने अभी तक पुलिस के सामने कई राज उगले हैं। पूछताछ से पता चला कि दोनों ही युवा पढ़ाई में होशियार हैं, जिसके चलते उन्हें कोचिंग सेंटरों ने माफिया के साथ मिलकर चिन्हित किया और फिर उन्हें नीट में मुन्नाभाई बनाकर भेजा। परीक्षा देने के बाद उन्हें मोटी रकम देने का सौदा भी हुआ। अब पुलिस उन लोगों तक पहुंचने में जुटी है, जो पूरे रैकेट को चला रहे हैं। दोनों मुन्नाभाई के मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगाए जा रहे हैं। साथ ही राजस्थान और बिहार पुलिस से भी संपर्क किया जा रहा है, जिससे की असल माफिया तक पहुंचा जा सके।
परीक्षार्थी की जगह मुन्नाभाई बनकर परीक्षा दे रहे एमबीबीएस स्टूडेंट ऋषिकेश ने बताया है कि उसके पास एक नंबर से फोन आया था, जिसमें उसे ऑफर दिया गया कि अगर वे परीक्षा में किसी दूसरे परीक्षार्थी की जगह पेपर देता है तो बदले में उसे डेढ़ लाख रुपया मिलेगा। उसका कहना है कि घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है, जिसके चलते ऑफर स्वीकार कर लिया। पूछताछ में पता चला कि ऑफर स्वीकार पर कुछ दिन पहले पटना में एक युवक ऋषिकेश से मिलने आया। उसने ऑस्टिन रायन नाम के युवक का प्रवेश पत्र व उसका आधार कार्ड व अन्य दस्तावेज भी दिए। बाकी परीक्षा देते वक्त तुम्हें कोई दिक्कत नहीं होगी। ऊपर सारी सेटिंग हो चुकी है। माफिया की तरफ से उसका पटना से गाजियाबाद तक का टिकट बुक कराकर भेज दिया। अब पुलिस उस व्यक्ति की तलाश में लगी है जो उस तक प्रवेश पत्र व अन्य दस्तावेज लेकर पहुंचा था। साथ ही ऑस्टिन के दस्तावेज भी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के जरिए निकलवाने की कोशिश की जा रही है, ताकि मामले में ऑस्टिन तक भी पहुंचा जा सके। पुलिस का मानना है कि माफिया ने ऑस्टिन से पास कराने के बदले मोटी रकम तय की और फिर उसमें से कुछ हिस्सा ऋषिकेश को देकर परीक्षा पास करने का प्लान बनाया।
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रणजीत सिंह की कोचिंग के माध्यम हुई सेटिंग
सिकर राजस्थान निवासी रणजीत सिंह अभी एमबीबीएस की कोचिंग कर रहा है। उसने पुलिस को बताया है कि वह कोचिंग सेंटर में सबसे होनहार है। कुछ दिन पहले कोचिंग सेंटर से जुड़े एक युवक ने उसे जिंतू दास से मिलवाया था। उसने बताया कि हम दोनों की एक लाख में सेटिंग हुई। अब 0पुलिस मामले में जिंतू दास को पकड़ने में जुटी है। इसके लेकर राजस्थान पुलिस से संपर्क किया है। उधर, कोचिंग सेंटर संचालक से भी पूछताछ की तैयारी की जा रही है।

परीक्षा देने को बनाए फर्जी आधार कार्ड
माफिया ने परीक्षा देने के लिए आधार भी फर्जी बना दिए। नाम वास्तविक परीक्षार्थी का रखा जबकि फोटो ऋषिकेश और रणजीत सिंह के लगा दिए, जिसे की परीक्षा केंद्र पर निरीक्षक जांच करे तो धांधली पकड़ी न जा सके। पुलिस ने दोनों के कब्जे से आधार कार्ड लिए हैं, जिनके आधार पर वास्तविक परीक्षार्थियों के सही पते की जानकारी जुटाई जा रही है।
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कोट
दोनों मुन्नाभाई से पूछताछ की जा रही हैं। रैकेट से जुड़े बाकी लोगों तक भी पुलिस पहुंचने की कोशिश में जुटी है, जिससे की असल लोगों को पकड़ा जा सके। एनटीए से भी संपर्क किया जा रहा है कि वो हमें वास्तविक परीक्षार्थियों के पते निकाल करे दें जो परीक्षा फार्म भरते वक्त उनकी तरफ से सब्मिट किए गए थे। - श्लोक कुमार, एसपी सिटी
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