महिलाओं के उत्थान के नाम पर चल रहा था ठगी का धंधा
गाजियाबाद। किटी के जरिए ठगी का यह धंधा चार साल से चल रहा था। शांति शिक्षा एंड नारी उत्थान समिति नाम की एनजीओ बनाकर ठगी की मास्टर माइंड शारदा सिंह जादौन ने इसकी शुरूआत की थी। शारदा ने बताया था कि जमा की जाने वाली रकम को गरीब महिलाओं के उत्थान की योजनाओं में लगाया जाएगा। रकम बढ़ाने का लालच देकर इस एनजीओ ने हाईप्रोफाइल महिलाओं को ही नहीं घरों में काम करने वाली गरीब महिलाओं को भी संगठन से जोड़ लिया था। शारदा ने इस योजना को शिव-शक्ति बचत योजना का नाम दिया था।
शारदा सिंह की ठगी का शिकार बनीं राजनगर एक्सटेंशन की रहने वाली अनीता खन्ना ने बताया कि करीब ढाई साल पहले वह भी रमा नाम की एक परिचित के जरिए इस संस्था से जुड़ी थी। उन्होंने चार किटी ली और करीब 1.20 लाख रुपया फिक्स डिपॉजिट कर दिया। शारदा ने बताया था कि फिक्स डिपॉजिट की गई रकम पांच साल में दोगुनी हो जाएगी। इसकी एवज में उन्हें एक पोस्ट डेटेड चेक भी दिया गया था। इसी तरह क्रासिंग्स रिपब्लिक सोसायटी में रहने वाली मंजू शर्मा की भी 11 लाख की रकम शारदा सिंह ने हड़प ली है। इसके चलते मंजू डिप्रेशन में आ गई थीं। ऐसी ही करीब 400 से ज्यादा महिलाओं को शारदा सिंह ने ठगा है। करीब दो साल से वह किसी भी महिला की रकम नहीं लौटा रही है। इस मामले की ठीक से जांच हुई तो ठगी की रकम का आंकड़ा पांच से सात करोड़ तक पहुंच सकता है। आशंका जताई जा रही है कि शारदा ने 500 से ज्यादा महिलाओं को ठगा है, लेकिन अभी सभी महिलाएं सामने नहीं आई हैं।
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ठगी के गैंग के पीछे असली चेहरा कौन
अनीता खन्ना का कहना है कि फिक्स डिपॉजिट स्कीम में पैसा जमा कराने वाले लोगों को शारदा सिंह की एनजीओ जो पोस्ट डेटेड चेक देती थी, उस पर शारदा के अलावा विनीत नाम के व्यक्ति के भी हस्ताक्षर होते थे। उनका कहना है कि ठगी के इस धंधे में शारदा अकेली नहीं है। इसके पीछे पूरा नेटवर्क काम कर रहा है। पुलिस इसकी गहनता से जांच करे तो ठगी के पीछे काम करने वाले और लोगों के चेहरे भी सामने आ सकते हैं। विनीत नाम का यह व्यक्ति कौन हैं पुलिस इसकी भी जांच करें।
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करोड़ों की संपत्तियों में किया निवेश
ठगी की शिकार बनीं महिलाओं का कहना है कि संस्था की संचालिका शारदा ने लोगों से रकम लेकर संपत्तियों में निवेश किया है। शारदा के राजनगर, संजय नगर में कई मकान बताए जा रहे हैं। चर्चा है कि मेरठ रोड पर भी उसने संपत्ति खरीद रखी है। जांच में इसका खुलासा हो सकता है।
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ऐसे करती थी ठगी
शारदा सिंह महिलाओं को लालच देने के लिए कई स्कीम चला रखी थी। उसने बताया था कि एक हजार रुपये महीना देने पर हर महीने ड्रा होगा और जिसका नाम पर्ची में निकलेगा, उसे 20 हजार रुपये दे दिए जाएंगे। ड्रा में नाम निकलने के बाद उसे आगे रुपये जमा नहीं करने होंगे। दूसरी स्कीम थी कि एक हजार रुपये हर महीने जमा करने पर 20 माह बाद जमा करने वाले को 21 हजार रुपये मिल जाएंगे। तीसरी स्कीम फिक्स डिपॉजिट की थी। इसमें किसी को चार तो किसी को पांच साल में रकम दोगुना करने का झांसा दिया गया था। एक-दूसरी महिलाओं के कहने पर अन्य महिलाएं इस नेटवर्क से जुड़ती चली गईं।