नगर निगम मुख्यालय में पार्षद को पीटा, सिर फोड़ा
गाजियाबाद। नगर निगम मुख्यालय में शुक्रवार को चीफ इंजीनियर के कमरे में वार्ड नंबर 44 के पार्षद दिलशाद मलिक को कुछ लोगों ने पिटाई कर दी। पार्षद सिर में चोट लगने की वजह से बेहोश हो गए। लहूलुहान पार्षद करीब आधा घंटे तक फर्श पर पड़े रहे। घायल पार्षद को यशोदा अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हज हाउस के नजदीक दशमेश वाटिका को लेकर विवाद चल रहा है। बृहस्पतिवार को कुछ लोगों ने वाटिका निर्माण रुकवा दिया था। पार्षद के परिजनों ने थाने में तहरीर दी है।
नगर निगम ने एनएच 58 पर हज हाउस का निर्माण कराया है। इसके नजदीक ही दशमेश वाटिका का निर्माण चल रहा है। वाटिका को लेकर काफी दिनों से विवाद है। पार्षद के बड़े भाई शरीफ मलिक ने बताया कि शुक्रवार को जब नगर निगम मुख्यालय खुला तो दिलशाद दशमेश वाटिका से संबंधित कुछ पेपर देने चीफ इंजीनियर के कमरे में पहुंचा थे। कमरे में चीफ इंजीनियर नहीं थे। आरोप है कि इस दौरान दशमेश वाटिका के वरिष्ठ सदस्य सुच्चा सिंह व प्रवीन त्यागी अपने कुछ साथियों के साथ पहुंचे और दिलशाद को पीटने लगे। पार्षद को जान से मारने की धमकी दी और पिस्टल की बट से सिर फोड़ दिया। बट लगते ही दिलशाद जमीन पर गिरकर बेहोश हो गए। हमलावरों के जाने के बाद दिलशाद कमरे में आधा घंटे से ज्यादा समय तक बेहोश पड़े रहे। निगम के एक कर्मचारी ने पुलिस और एंबुलेंस के लिए फोन किया। पुलिस ने पार्षद को अस्पताल पहुंचाया। निगम सूत्रों का कहना है कि बीते बुधवार से वाटिका पर कामकाज शुरू हो गया है। बृहस्पतिवार को वाटिका स्थल पर निर्माण कार्य चल रहा था कि तभी कुछ लोग आ गए और वाटिका के पास से गुजरने वाले रास्ते को अपना बताकर कार्य को रुकवा दिया। इस बीच नोकझोंक व मारपीट हुई। बृहस्पतिवार को वाटिका से जुड़े लोगों ने पार्षद व समर्थकों के साथ रास्ते को लेकर मारपीट की थी। सीओ सिटी फर्स्ट मनीषा सिंह के मुताबिक सुच्चा सिंह और प्रवीन त्यागी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हो गई है।
पार्षद हुए एकजुट, निगम मुख्यालय बंद कराया
घटना से आक्रोशित सभी पार्षदों ने विरोध करते हुए निगम मुख्यालय बंद करा दिया। कर्मचारियों को बाहर कर दिया। जबकि कुछ लोग अंदर ही फंसे रहे। बसपा पार्षद दल के नेता आनंद चौधरी ने कहा यह बेहद दुखद घटना है। निगम मुख्यालय में घुसकर पार्षद को पीटा गया है। इसमें कर्मचारियों के साथ ठेकेदारों की मिलीभगत है। आक्रोशित एक दर्जन से ज्यादा पार्षद निगम के बाहर धरने पर बैठ गए। इस दौरान सीओ प्रथम मनीषा सिंह ने आकर उनसे पूरी घटना की जानकारी ली।
जांच को पांच सदस्यीय कमेटी बनी
नगर आयुक्त सीपी सिंह ने बताया कि जब घटना घटी वह बाहर थे। फोन द्वारा अधिकारियों ने घटना की जानकारी दी। फिलहाल मेयर के निर्देश पर पांच सदस्यीय कमेटी बनाई गई है। कमेटी जो अपनी रिपोर्ट देगी उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। अहम बात यह है कि जिस कमरे में पिटाई हुई है, वहां पर सीसीटीवी नहीं हैं। गैलरी में लगे सीसीटीवी खराब हैं।
घटना से पहले ठेकेदारों ने की थी प्रेसवार्ता
नगर निगम मुख्यालय में पार्षद दिलशाद मलिक के साथ मारपीट की जो घटना हुई, उससे पहले ठेकेदारों ने निगम के पार्षद कक्ष में बैठकर प्रेसवार्ता की थी। कांट्रेक्टर वेलफेयर एसोसिएशन गाजियाबाद के अध्यक्ष अजय त्यागी व अन्य ठेकेदारों ने बताया कि दशमेश वाटिका को बनाने का ठेका निगम ने दिया है। जिस रास्ते पर विवाद है, वह निगम की जमीन है। पार्षद ने आकर बीते बृहस्पतिवार को ठेकेदार राजेंद्र सिंह यादव के साथ मारपीट की थी। इसकी शिकायत वह पुलिस व निगम अधिकारियों से करेंगे।