मैंने गनर छोड़े, अब एसएसपी बताए कब होगी कार्रवाई
गाजियाबाद। अपनी ही सरकार में भ्रष्टाचार के मुद्दे पर पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले लोनी विधायक नंद किशोर गुर्जर ने अपने तीनों गनर हटा दिए हैं। विधायक ने गनर हटाते ही सवाल खड़ा किया है कि उन्होंने गनर छोड़े, अब एसएसपी बताएं कि उगाही करने वाले लोनी क्षेत्र के पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई कब होगी। उन्होंने आरोप लगाया है कि उगाही से जुड़े ऑडियो और तमाम साक्ष्य सामने होने के बाद भी एसएसपी द्वारा कार्रवाई न कराना दर्शाता है कि वह भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे हैं। उधर, एसएसपी वैभव कृष्ण ने कहा कि शिकायत मुझे नहीं दी गई, फिर भी मामले की विस्तृत जांच कराई जा रही है, जो भी दोषी होगा उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
लोनी विधायक नंद किशोर गुर्जर ने शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिख कर आरोप लगाया था कि उनके विधानसभा क्षेत्र में लोगों को जेल भेजने का डर दिखाकर उगाही की जा रही है। बंथला चौकी इंचार्ज ने एक ट्रैक्टर चालक शौकीन पुत्र महमूद अली को दूसरी गाड़ी में साइड लगने पर बैठा लिया गया। बाद में 13 हजार रुपये लेकर छोड़ा गया, जबकि दोनों पक्ष कार्रवाई नहीं चाहते थे। विधायक के पत्र पर एसएसपी ने कहा था कि विधायक ने तीन अलग-अलग थानों से तीन गनर ले रखे हैं। नियमों के मुताबिक एक ही गनर मिलना चाहिए। उनसे दो गनर वापस करने के लिए कहा गया था। शायद यह उसी की प्रतिक्रिया हो सकती है। एसएसपी की प्रक्रिया के बाद लोनी विधायक ने गनर वापस करते हुए कार्रवाई की मांग रख दी है। लोनी विधायक का कहना है कि लोनी की जनता मेरी सुरक्षा कर लेगी लेकिन अब एसएसपी को बताना है कि भ्रष्ट पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई कब होगी।
‘भ्रष्टाचार को उजागर करके ही खत्म किया जा सकता है’
भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर के भ्रष्टाचार के मुद्दे को उठाकर अपनी ही सरकार के अधिकारियों पर निशाना साधकर चर्चाओं को जन्म दे दिया। वहीं प्रदेश के खाद्य एवं रसद मंत्री व गाजियाबाद विधायक ने भी उनके सुर में सुर मिलाए। उन्होंने कहा कि हमने यह दावा नहीं किया है कि भ्रष्टाचार बिल्कुल खत्म हो गया है, लेकिन भ्रष्टाचार को उजागर करके ही खत्म किया जा सकता है। लोनी विधायक ने भी यही किया है। एसएसपी पर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने के आरोप पर उन्होंने कहा कि लोनी विधायक ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजा है, वहीं तय करेंगे कि क्या निर्णय लेना है।