रिटायर्ड प्रोफेसर से ठगी में एक और बिल्डर गिरफ्तार
गाजियाबाद। चार साल पहले बिल्डर ने फ्लैट बुक कर लिया लेकिन रिटायर्ड प्रोफेसर को पजेशन नहीं दिया। 22 लाख रुपया जमा कराने के बावजूद फ्लैट नहीं मिला तो रिटायर्ड प्रोफेसर ने सिहानी गेट थाने में रियल एस्टेट फर्म के तीन डायरेक्टरों के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने एक बिल्डर को गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले भी फर्म का एक अन्य डायरेक्टर जेल जा चुका है।
कविनगर के ई-ब्लाक में रहने वाले एमके मित्तल शंभू दयाल डिग्री कालेज के रिटायर्ड प्रोफेसर हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2013 में उन्होंने राजनगर एक्सटेंशन में एक बिल्डर के प्रोजेक्ट में फ्लैट बुक कराया था। निर्माण पूरा कर बिल्डर को 2015 में फ्लैट पर कब्जा देना था। उन्होंने बताया कि उन्होंने 22 लाख रुपये बिल्डर को दे दिए। बाद में पता चला कि बिल्डर ने बिल्डिंग का नक्शा भी पास नहीं कराया है। अभी तक उन्हें न तो फ्लैट मिला और न ही पैसा वापस मिला। एमके मित्तल ने सिहानी गेट थाने में अप्रैल 2017 में रियल एस्टेट फर्म के डायरेक्टर सौरभ त्यागी, विक्रम सिंह और यशवीर चौधरी के नाम रिपोर्ट दर्ज कराई थी। एसएसआई सिहानी गेट रविंद्र खोड़ा ने बताया कि नंदग्राम निवासी बिल्डर विक्रम सिंह को धोखाधाड़ी के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है। उसे कोर्ट में पेश किया गया। इससे पहले विक्रम के पार्टनर और फर्म के डायरेक्टर सौरभ त्यागी को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। अभी राजनगर एक्सटेंशन का रहने वाला एक अन्य आरोपी यशवीर चौधरी फरार है।