गाजियाबाद। साइबर ठगों ने तीन अलग-अलग लोगों से बैंक खातों की जानकारी व ओटीपी के बगैर ही धनराशि ट्रांसफर कर ली गई। तीनों पीड़ितों ने अलग-अलग थानों में साइबर ठगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है।
एसीपी कविनगर सूर्यबली मौर्य ने बताया कि शास्त्री नगर स्थित महेंद्र एन्क्लेव के लक्ष्मी निवास में रहने वाले शिरीश जौहरी के मुताबिक वह एक निजी आईटी कॉलेज में प्रोफेसर हैं। 22 जनवरी की सुबह चार बजे वह घर पर सो रहे थे, तभी उनके मोबाइल पर लगातार मैसेज आने लगे। मैसेज की आवाज सुनकर उनकी नींद खुल गई। पहले ओटीपी का मैसेज आया था। इसके बाद एक के बाद एक चार मैसेज पैसे कटने के थे। पहले मैसेज में आईसीआईसीआई बैंक के क्रेडिट कार्ड से डेढ़ लाख रुपये की शॉपिंग हुई। दूसरे मैसेज में 1.35 हजार। चौथे मैसेज में एसबीआई क्रेडिट कार्ड से 11 हजार और चौथे मैसेज में आईसीआईसीआई बैंक के क्रेडिट कार्ड से चार हजार रुपये कटे थे। मैसेज में दिया गया था कि मुंबई के क्रोमा स्टोर से ऑनलाइन शॉपिंग की गई है। उन्होंने तत्काल एप के माध्यम से कार्ड को ब्लॉक कराया। साथ ही बैंक में जाकर डिस्प्यूट फॉर्म फिलअप किया। 30 जनवरी को पीड़ित का केस दर्ज किया गया। एसीपी कविनगर सूर्यबली मौर्य ने बताया कि तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर लिया है। पैसे का ट्रांजेक्शन का विवरण जुटाया जा रहा है। लोकेशन ट्रैक कर जल्द ही जालसाजों को गिरफ्तार किया जाएगा।
आईजीएल कर्मी बताकर साफ किए 3.45 लाख
थाना वेवसिटी क्षेत्र की वर्डिया सोसाइटी के टॉवर नंबर तीन में रहने वाले राजेंद्र कुमार चौपड़ा के मुताबिक 19 दिसंबर को आईजीएल कर्मचारी बनकर एक जालसाज ने उन्हें फोन किया, वह समझे आईजीएल का कर्मचारी ही होगा। उसने उनके गैस संबंधित मीटर के बारे में बात की। उसने एक लिंक भी उन्हें भेजा। बताया कि उस पर क्लिक करने के बाद वह कुछ चीजों को अपडेट कर सकेगा। जैसे ही उन्होंने उस नंबर पर कॉल किया। पीड़ित का मोबाइल हैक हो गया। वह कुछ समझ पाते, उससे पहले ही उनके खाते से तीन बार में पैसे कट गए। पहली बार में 1.49 लाख रुपये निकाले, उसके बाद करीब 1.30 हजार और तीसरी बार करीब 65 हजार रुपयों का ट्रांजेक्शन कर लिया गया। एसीपी वेवसिटी प्रियाश्री पाल ने बताया कि केस दर्ज कर विवरण जुटाया जा रहा है। जिस खाते में पैसे गए, उन्हें ब्लॉक कर दिया गया। जल्द ही रुपयों की वापसी और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
खाते की जानकारी लेकर 85 हजार निकाले
कविनगर की बाग वाली कॉलोनी में रहने वाले तरुण चौधरी के मुताबिक उनके मोबाइल 22 अक्टूबर 2025 को एक कॉल आई। कॉलर ने उन्हें झांसे में लेकर अपने जाल में फंसा लिया और उनके खाते का विवरण ले लिया। इसके बाद खाते से चार बार में 85 हजार 500 रुपये का ट्रांजेक्शन कर लिया। करीब तीन माह बाद पीड़ित की शिकायत पर 31 जनवरी को पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।