एनसीआर से सटे जिले में साइबर ठगों का जाल दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। दो वर्षों में साइबर ठगों ने लोगों को 133 करोड़ रुपये की चपत लगा दी है।
ऑनलाइन फ्रॉड करने वाले बाहरी जनपदों और राज्यों के साथ-साथ अपने जिले के भी साइबर ठग मौजूद हैं। टीम अब तक 34 करोड़ रुपये वापस कराने में कामयाब हुई है और 21 ठगों की गिरफ्तारी की गई है।
जिले में भी फर्जी मोबाइल और शेयर ट्रेडिंग में निवेश कराने वाली फर्जी वेबसाइट बनाकर साइबर ठगी की जा रही है। साइबर टीम ने जुलाई माह में 57 और अब तक 162 फर्जी मोबाइल एप बंद कराए हैं। इसके साथ ही साइबर ठगों पर शिकंजा कसने के लिए दो उपनिरीक्षकों की तैनाती दिल्ली स्थित भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आईफॉरसी) में कर दी है।
एडीसीपी अपराध पीयूष कुमार सिंह के मुताबिक लोगों से होने वाली साइबर ठगी में प्रयोग होने वाले मोबाइल सिम की जांच पड़ताल करके 12 हजार 715 सिम बंद कराए गए हैं। केवल जुलाई माह में बंद हुए सिम की संख्या 758 है। ऐसी वेबसाइट्स जिनका प्रयोग कर लोगों से ठगी की गई है ऐसी 21 वेबसाइट्स अब तक बंद कराई गई हैं। बताया कि जुलाई में भी सात फर्जी वेबसाइटों को बंद कराया गया है।
162 मोबाइल एप अब तक बंद कराए गए हैं, जबकि जुलाई माह में इनकी संख्या 57 है। उन्होंने बताया कि पांच लाख से अधिक धनराशि की ठगी के करीब 400 मुकदमे दर्ज किए गए हैं। जबकि इससे कम धनराशि वाले मुकदमों की संख्या 1062 है। करीब दो वर्षों में साइबर ठगों ने जिलेभर में 133 करोड़ रुपये की साइबर ठगी की है।