एडीसीपी पीयूष कुमार सिंह ने बताया कि मेरठ रोड पर चार ट्रकों में प्रतिबंधित कफ सिरप पकड़ा है। ट्रकों के पीछे चूने के बोरे लगाकर उसके अंदर सिरप के कार्टन थे। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि एनसीआर क्षेत्र में ही इस खेप को खपाया जाना था। कुछ सिरप झारखंड सहित अन्य प्रदेशों में भी भेजा जाता है। मौके से सात आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। इनसे 20 लाख रुपये की नकदी, एक क्रेटा गाड़ी, मोबाइल, फर्जी दस्तावेज और अन्य सामग्री भी बरामद की गई है।
बताया गया कि दो दिन पूर्व सोनभद्र पुलिस ने 134 पेटी प्रतिबंधित कफ सिरप की खेप पकड़ी है। सोनभद्र पुलिस ने तीन तस्करों को भी गिरफ्तार किया है। पकड़े गए तस्करों ने पूछताछ में बताया कि चार ट्रक प्रतिबंधित कफ सिरप गाजियाबाद से होते हुए दिल्ली ले जा रहे हैं। सोनभद्र पुलिस ने गाजियाबाद क्राइम ब्रांच टीम से संपर्क कर ट्रकों की लोकेशन और पहचान आदि शेयर की।
क्रेटा गाड़ी से करते थे निगरानी
पुलिस सूत्रों की मानें तो प्रतिबंधित कफ सिरप बांग्लादेश से झारखंड होते हुए गाजियाबाद पहुंचे हैं। चार ट्रकों के साथ-साथ टीम ने एक क्रेटा में सवार तीन तस्करों को भी गिरफ्तार किया है। पूछताछ में तस्करों ने बताया कि कार ट्रकों के आगे लगाकर पुलिस चेकिंग की निगरानी की जाती थी। ट्रकों की सुरक्षित पार्किंग का काम भी क्रेटा कार सवार तस्करों की जिम्मेदारी थी। बताया कि चारों ट्रकों में दो लाख से अधिक 100-100 एमएल की शीशियां बरामद की गई हैं। इनकी कीमत बाजार में साढ़े तीन करोड़ रुपये आंकी गई है।
ट्रकों से करते थे आदान-प्रदान
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि बांग्लादेश से लाए गए कफ सिरप भारी मात्रा में अलग-अलग प्रदेशों में भेजा गया। चार या पांच जनपदों की सीमाएं पार करने के बाद ट्रकों को बदल दिया जाता था ताकि पुलिस को शक न हो। गाजियाबाद में भी घूकना मोड़ स्थित एक गोदाम में ट्रकों से कफ सिरप को दूसरे ट्रकों में लादने के दौरान टीम ने छापा मारा।
चार ट्रकों में चूने के बोरों के पीछे प्रतिबंधित कफ सिरप पकड़ा है। यह सीरप दूसरे राज्यों में तस्करी किया जाना था। इसकी कीमत तीन से साढ़े तीन करोड़ रुपये बताई गई है। सात आरोपियों को हिरासत में लिया है, 20 लाख की नकदी, एक क्रेटा गाड़ी, मोबाइल, फर्जी दस्तावेज और अन्य सामग्री भी बरामद की है। मंगलवार को मामले का खुलासा किया जाएगा। -पीयूष कुमार सिंह, एडीसीपी अपराध।