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Ghaziabad News: ऑनलाइन गवाही शुरू होने से प्रभावित हो रहे अदालती कार्य

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गाजियाबाद। न्यायालयों में ऑनलाइन गवाही शुरू होने से गैर जनपदों के केसों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग होने पर अदालती कार्य प्रभावित हो रहे हैं। पुलिस के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बयान दर्ज कराने पर कंप्यूटर की मांग भी बढ़ गई है। जनपद न्यायाधीश ने पुलिस आयुक्त को पत्र लिखकर कहा है कि पुलिसकर्मियों की ऑनलाइन गवाही पुलिस मुख्यालय से ही कराईं जाएं। इससे गवाहों की अनुपस्थिति और अनावश्यक विलंब की समस्या को रोका जा सकेगा।
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जनपद न्यायालय कार्यालय में रोजाना औसतन 10 से 15 मामलों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पुलिसकर्मियों के बयान दर्ज हो रहे हैं। इनमें से कई मामलों में पुलिसकर्मी गवाही के दौरान अनुपस्थित रहते हैं या तकनीकी समस्याओं का हवाला देकर जुड़ने में देरी करते हैं। इस कारण अदालत को तारीख बढ़ानी पड़ती है, जिससे मामलों का निस्तारण प्रभावित हो रहा है।

न्यायालय के सूत्रों के अनुसार, कई मामलों में पुलिसकर्मी ऑनलाइन गवाही देने की कोशिश करते हैं, लेकिन जिस जिले में बयान दर्ज हो रहा होता है वहां पर नेटवर्क की समस्या से गवाही बाधित हो जाती है। इस कारण अदालत को बार-बार नई तारीख देनी पड़ती है।
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- न्यायालय ने पुलिस को दिए निर्देश-
ऑनलाइन गवाही में आ रही बाधाओं को देखते हुए इलाहाबाद हाइकोर्ट के आदेश के बाद जनपद न्यायाधीश अनिल कुमार ने पुलिस आयुक्त को पत्र लिखकर निर्देश दिया है कि पुलिसकर्मी मुख्यालय या किसी निर्धारित स्थल से ही ऑनलाइन गवाही दें। मुख्यालय में तकनीकी सुविधाएं बेहतर होने से गवाही में व्यवधान नहीं आएगा और समयबद्ध तरीके से अदालती कार्य संपन्न हो सकेगा।


अदालत में ऑनलाइन गवाही के दौरान अक्सर तकनीकी दिक्कतें सामने आती हैं। पुलिसकर्मी सही समय पर वीडियो लिंक पर नहीं जुड़ते या गवाही के दौरान नेटवर्क बाधित हो जाता है। कई बार पुलिसकर्मी अन्य कामों में व्यस्त होने का बहाना बनाकर गवाही में देरी करते हैं।


बार सचिव अमित नेहरा ने बताया कि ऑनलाइन गवाही का उद्देश्य न्यायिक प्रक्रिया को तेज और सुविधाजनक बनाना था, लेकिन पुलिसकर्मियों की लापरवाही के कारण इसका विपरीत प्रभाव हो रहा है। कई मामलों में पीड़ित पक्ष को बार-बार तारीख पर अदालत आना पड़ता है, जिससे उन्हें मानसिक और आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ता है।

- अदालत का रुख सख्त -
न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि ऑनलाइन गवाही में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि पुलिसकर्मी निर्धारित समय पर गवाही में उपस्थित नहीं होते हैं तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जनपद न्यायाधीश ने पत्र में कहा है कि पुलिस मुख्यालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का काम शुरू कराने के बाद सूचित करें, जिससे कि इलाहाबाद हाईकोर्ट काे सूचित किया जा सके।
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