बच्चे का अपहरण करने वाले को आजीवन कारावास
गाजियाबाद। अपर सत्र एवं न्यायाधीश कोर्ट-14 ने बच्चे का अपहरण करने वाले अभियुक्त को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत की न्यायाधीश अर्चना सिंह ने फिरौती के लिए बच्चे का अपहरण करने वाले अभियुक्त पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता नितिन शर्मा ने बताया कि लोनी थाना क्षेत्र के लक्ष्मी गार्डन कॉलोनी में जितेंद्र बंसल के मकान में नासिर किराए के मकान में परिवार सहित रहते थे। उनके पड़ोस में ही दूसरे मकान में बिहार के सीतामढ़ी निवासी महताब भी किराए पर रहता था। पड़ोसी होने के चलते महताब का नासिर के घर में आना जाना था। इससे नासिर का चार वर्षीय बेटा शमीम भी महताब से घुलमिल गया था। 26 मई 2015 को महताब ने शमीम का अपहरण कर लिया। महताब बच्चे को लेकर बिहार पहुंच गया। तब फोन करके बच्चे को वापस करने के बदले में तीन लाख रुपये की मांग की। बच्चे को छुड़ाने के लिए नासिर रुपये देने को तैयार हो गया। इसके बाद महताब ने नासिर से कहा कि वह 75 हजार रुपये उसके रिश्तेदार के खाते में डाल दे। नासिर ने 75 हजार रुपये महताब के बताए गए खाते में डाल दिए। पैसे डालने से पहले ही नासिर ने पुलिस को मामले की जानकारी देत हुए लोनी बॉर्डर थाने में रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने सर्विलांस के जरिए महताब का फोन लगाया तो उसकी लोकेशन बिहार स्थित सीतामढ़ी आई। पुलिस ने उसे सीतामढ़ी से गिरफ्तार करने के साथ ही बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया। इसके बाद महताब को जेल भेज दिया था। जांच के बाद अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। बुधवार को अंतिम सुनवाई करते हुए अदालत ने फैसला सुनाया।