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कचहरी नजारत घोटाला : गवाह से बचाव पक्ष ने की जिरह

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गाजियाबाद। कचहरी के बहुचर्चित नजारत घोटाले में मंगलवार को सीबीआई की विशेष अदालत में गवाह सुभाष कुमार के बयान पर बचाव पक्ष ने जिरह की। गवाह के अदालत में उपस्थित होने पर बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने उसके बयान से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर सवाल किए। जिरह पूरी होने के बाद अदालत ने अगली सुनवाई के लिए आठ सितंबर की तारीख तय की है।
अदालत से मिली जानकारी के अनुसार, करीब 6.30 करोड़ रुपये के नजारत घोटाले का खुलासा फरवरी 2008 में हुआ था। उस समय सीबीआई की विशेष अदालत की तत्कालीन न्यायाधीश रमा जैन ने खुद वादी बनकर नाजिर आशुतोष अस्थाना समेत 63 आरोपियों के खिलाफ कविनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जांच आगे बढ़ने के साथ आरोपियों की संख्या भी बढ़ती गई।
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पूर्व बार अध्यक्ष नाहर सिंह यादव की अर्जी पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई थी। जांच पूरी करने के बाद सीबीआई ने जुलाई 2010 में छह न्यायाधीशों समेत 71 कर्मचारियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था। सीबीआई के आरोप के मुताबिक आरोपियों पर आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, फर्जीवाड़ा, जालसाजी और भ्रष्टाचार से जुड़े आरोप लगाए गए हैं। नजारत से संबंधित धनराशि में अनियमितता का आरोप है।
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मामले के प्रमुख आरोपियों में शामिल नाजिर आशुतोष अस्थाना की डासना जेल में मौत हो चुकी है। अन्य आरोपियों के खिलाफ अदालत में सुनवाई जारी है। फिलहाल मामले में गवाहों के बयान दर्ज होने और बचाव पक्ष की जिरह की प्रक्रिया चल रही है।
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