गाजियाबाद। एक समान संपत्तियों के अलग-अलग गृहकर जारी होने पर पार्षदों ने सवाल उठाए हैं। बृहस्पतिवार को निगम के 76 पार्षदों ने महापौर सुनीता दयाल से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा और गृहकर बढ़ोतरी को वापस लेने की मांग की। बोर्ड बैठक बुलाकर बढ़े गृहकर को समाप्त कराने की मांग की। महापौर ने कहा कि नवयुग मार्केट में 145 संपत्तियों के गृहकर में भिन्नता पाई गई है। एक समान प्लॉट और फ्लोर के अलग-अगल बिल जारी किए गए हैं, इससे लगता है कि कर विभाग की ओर से मनमानी तरीके से दर निर्धारण किया गया है। उन्होंने पार्षदों को आश्वासन दिया कि जल्द ही बोर्ड की बैठक बुलाई जाएगी।
पार्षद नीरज गोयल ने बताया कि गृहकर वृद्धि को रोकने के लिए सभी पार्षदों ने एकजुटता दिखाई। महापौर को गृहकर विषय पर बोर्ड बैठक बुलाने के लिए पत्र सौंपे गए। पत्र के माध्यम से पार्षदों ने बताया कि बीते सात मार्च को नगर निगम में सदन की बैठक में निगम द्वारा प्रस्तावित संपत्ति कर की नई दरों के संबंध में प्रस्ताव पास नहीं किया था। जबकि कार्यवृत्त में इस प्रस्ताव को सर्व सम्मति से पास दर्शाया गया है जो बिल्कुल गलत है।
गाजियाबाद नगर निगम द्वारा प्रस्तावित डीएम सर्किल रेट आधारित संपत्ति कर के बढ़े हुए प्रस्ताव को सदन के पदेन सदस्य मंत्री सुनील शर्मा व विधायक अजीत पाल त्यागी की उपस्थिति में दिनांक नौ अक्तूबर 2024 को सदन की बैठक में पहले ही निरस्त किया जा चुका है। इसके कार्यवृत की पुष्टि सात मार्च को प्रस्ताव संख्या 113 पर की गई है।
इसके बाद भी हाउस टैक्स के बढ़े हुए बिल जारी किए जा रहे हैं क्षेत्र की जनता द्वारा हर रोज हमसे यह सवाल पूछा जा रहा है कि किस आधार पर हाउस टैक्स बढ़ाया गया है। वास्तव में दो साल में 10 फीसदी टैक्स की ही बढ़ोतरी होनी चाहिए और संपत्ति कर विषय पर उपस्थित प्रत्येक पार्षदों से वोटिंग कराई जाए। इसके साथ ही मिलने वाली 20 फीसदी की छूट की अंतिम तारीख 30 सितंबर की जाए।
पत्र सौंपने वाले पार्षदों में गौरव सोलंकी, नीरज गोयल, हिमांशु शर्मा, मनोज गोयल, ओम प्रकाश ओड़, पूनम सिंह, देव नारायण, कन्हैया लाल, संतोष सिंह राणा, अमित त्यागी, मनोज त्यागी, पवन गौतम, राजकुमार नागर, शशि सिंह, सुधीर कुमार, सत्येंद्र पाल सिंह, जोगिंदर सिंह, भूपेंद्र उपाध्याय, शिल्पा चौधरी, प्रीति जैन, मनोज पाल, जय किशन पाल, विनय कुमार चौधरी, अनिल कुमार तोमर, सचिन कुमार डागर, हरिश्चंद्र सिंह, धीरज अग्रवाल, कुलदीप त्यागी, राधेश्याम त्यागी, अनुज त्यागी, सुनैना देवी, मंजू, जगत सिंह, छाया त्यागी, पवित्रा देवी, ओमपाल सिंह, प्रतिमा शर्मा, नरेश कुमार भाटी, अजीत निगम, रंजीता कल्याणी, सीमा यादव, शीतल देओल, कुसुम गोयल, सिमरन मलिक, रुबीना अब्बासी, मिथलेश, अभिषेक चौधरी, धीरेंद्र यादव, प्रवीण कुमार, रीना, सुमन चौधरी, रजनी, साजिदा, पूर्व पार्षद मनोज गोयल, पूर्व पार्षद राजेंद्र तितोरिया आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
दोबारा कराएंगे पैमाइश, नया बिल जारी नहीं करने के निर्देश
गृह कर में बढ़ोतरी और दरों में अंतर मिलने की शिकायत पर महापौर ने अपना रुख साफ कर दिया है। उन्होंने कहा कि अब दोबारा से संपत्तियों की पैमाइश कराई जाएगी। पैमाइश के बाद ही बिल जारी करने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही बोर्ड बैठक बुलाकर सदन में इस प्रस्ताव को पास कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस बार पैमाइश की रिपोर्ट लगाने और दर की गणना करने वाले का हस्ताक्षर भी लिया जाएगा। इसका सत्यापन भी कराया जाएगा। यदि कोई गड़बड़ी पाई जाएगी तो रिपोर्ट तैयार करने वाले को निलंबित कराया जाएगा और उसे जेल भी भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि जनता के हित को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। मनमानी कर निर्धारण नहीं करने दिया जाएगा।