सफाई के मामले में लगातार पिछड़ रहे शहर को स्वच्छ बनाने के लिए नगर निगम ने अब स्वच्छता अभियान को घर-घर पहुंचाने की योजना बनाई है। इसके तहत विश्व पर्यावरण दिवस पर नगर निगम एक लाख घरों में दो-दो डस्टबिन बांटेगा।
ऐसे में अब घरों में किचन वेस्ट और प्लास्टिक आदि सूखे कचरे को अलग-अलग डस्टबिन में रखा जाएगा। इसके तहत गीले कचरे को सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट तक और बाकी कचरे को डंपिंग यार्ड में पहुंचाया जाएगा।
नगर निगम जल्द ही स्वच्छ भारत अभियान के तहत डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन की व्यवस्था शुरू करेगा। ऐसे में डस्टबिन खरीदने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। निगम प्रशासन का कहना है कि पांच जून से पहले डस्टबिन खरीदने की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
इसके बाद निगम का स्वास्थ्य विभाग पांचों जोन में एक साथ इस मुहिम को शुरू करेगा। हालांकि निशुल्क डस्टबिन ऐसे क्षेत्रों में बांटे जाएंगे जहां लोग इन्हें खरीदने में समर्थ न हों।
हरे डस्टबिन में रखना होगा गीला कचरा
निगम अधिकारियों के मुताबिक कालोनियों में बांटे जाने वाले एक डस्टबिन का रंग हरा और दूसरे का नीला होगा। हरे रंग के डस्टबिन में लोगों को किचन वेस्ट या गीला कचरा रखना होगा। नीले रंग के डस्टबिन में ऐसा कचरा रखा जाएगा, जिसे रिसाइकिल किया जा सकता हो।
निगम के कर्मचारी घरों से कचरा इस क्रम में इकट्ठा करेंगे।
निगम अपने स्तर पर कराएगा कलेक्शन
नगर निगम कालोनियों से अपने स्तर पर कूड़ा कलेक्शन कराएगा। इसके लिए सफाई नायकों और सफाई कर्मचारियों को भी ट्रेंड किया जाएगा। उधर, कालोनियों से कूड़ा कलेक्शन के लिए छोटे वाहन भी खरीदने की प्लानिंग कर रहा है।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत केंद्र सरकार ने गाइड लाइन जारी की है। पांच जून को देश भर में निशुल्क डस्टबिन बांटने की मुहिम शुरू की जाएगी। ताकि लोगों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता आए। इसके बाद गीला और सूखा कचरा अलग-अलग कलेक्ट किया जाएगा। - डीके सिन्हा, अपर नगरायुक्त
आंकड़ों की नजर से
कुल मकान - 3 लाख (नगर निगम सीमा में)
प्रति दिन का कचरा - 850 से 900 मीट्रिक टन
वर्तमान में लगाए गए कर्मचारी - 4500
वाहनों की संख्या - 200
सफाई का प्रतिदिन खर्च - 20 लाख रुपये