फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सहकारी बैंक के 900 करोड़ रुपये डंप

Tue, 22 Nov 2016 10:44 PM IST
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद
विज्ञापन
कैश - फोटो : demo pic
विज्ञापन
नोट बंदी के बाद से जिला सहकारी बैंक के 900 करोड़ रुपये डंप पड़े हुए हैं। सहकारी बैंक को आरबीआई ने रुपये बदलने के कार्य से अलग किया हुआ है। इस कारण बैंक के खाताधारकों के साथ बैंक कर्मचारी व अधिकारी भी परेशान हैं। बैंक में कैश की कमी है।
विज्ञापन


किसान खाद-बीज भी नहीं ले पा रहे। बैंक प्रबंधन ने आरटीजीएस व एनआईएफटी सेवा पर लिए जाने वाले शुल्क को 30 दिसंबर तक माफ कर दिया है।जिला सहकारी बैंक प्रबंधन ने आरबीआई पर सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया है। बैंक के चेयरमैन चौधरी शीशपाल सिंह ने बताया कि बैंक को आईएफसी कोड मिला हुआ है।

सभी 33 शाखाएं सीबीएस से जुड़ चुकी हैं। बैंक में सभी हाईटेक सुविधाओं का उपयोग किया जा रहा है। इसके बाद भी बैंक को नोट बदलने का अधिकार नहीं दिया है। नोट बंदी के बाद 10 से 13 नवंबर के बीच बैंक में 78 करोड़ रुपये जमा किए गए, जबकि खाताधारकाें को देने के लिए सिर्फ चार करोड़ रुपये मिले।
विज्ञापन


उन्हाेंने बताया कि वर्तमान में पुरानी करेंसी के रूप में डिपोजिट 900 करोड़ रुपये डंप पड़े हुए हैं। इन रुपयों को आरबीआई ने अभी तक नहीं लिया है। जबकि सहकारी बैंक आरबीआई केसभी नियमों का पालन करता है। आरबीआई को सहकारी बैंकाें को भी नोट एक्सचेंज करने का अधिकार देना चाहिए।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें