गाजियाबाद। लोनी बॉर्डर थाना क्षेत्र में दो वर्ष पहले नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में विशेष पॉक्सो अदालत ने शनिवार को दोषी संदीप को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। विशेष न्यायाधीश निर्मल चंद सेमवाल ने दोषी पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अदालत ने अर्थदंड की पूरी धनराशि पीड़िता को दिए जाने का आदेश दिया है।
अदालत से मिली जानकारी के अनुसार, 24 जनवरी 2024 को नाबालिग के साथ दुष्कर्म की घटना हुई थी। मामले में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू की। जांच पूरी करने के बाद तीन जुलाई 2024 को अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया गया। इसके बाद मामले की सुनवाई शुरू हुई।
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने संदीप को निर्दोष बताते हुए आरोपों से इनकार किया और उसे झूठा फंसाए जाने की दलील दी। अभियोजन ने इसका विरोध करते हुए विवेचना के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की भूमिका सामने आने की बात कही। अभियोजन की ओर से गवाहों के बयान दर्ज कराए गए और उपलब्ध साक्ष्य अदालत के समक्ष रखे गए।
अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों व गवाहों के बयानों का परीक्षण करने के बाद संदीप को नाबालिग से दुष्कर्म और यौन अपराध का दोषी माना। शनिवार को सजा के बिंदु पर सुनवाई के बाद विशेष पॉक्सो न्यायाधीश ने दोषी को सजा सुनाई। अदालत ने आदेश दिया कि दोषी ने मामले में जेल में जो अवधि पहले से बिताई है, उसे सजा की कुल अवधि में समायोजित किया जाएगा।