डूंडाहेडा के बाद प्रताप विहार में भी डंपिंग ग्राउंड को लेकर विवाद हो गया है। आवास विकास परिषद को अपनी सिद्धार्थ विहार आवासीय योजना डूबती हुई नजर आने लगी है। इसके लिए आविप ने विरोध किया है। ऐसे में मंडलायुक्त ने मंगलवार को नगर निगम, आविप और जीडीए के अधिकारियों को बुलाया है।
इस संयुक्त बैठक में डंपिंग ग्राउंड को लेकर आपसी सहमति बनाने का प्रयास किया जाएगा।पूर्व में नगर निगम ने डूंडाहेड़ा में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट लगाने की प्रक्रिया शुरू की तो कुछ बिल्डर इसके खिलाफ कोर्ट चले गए। हालांकि हाईकोर्ट से फैसला नगर निगम के पक्ष में हुआ, लेकिन बिल्डरों ने इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे दी।
अब मामला विचाराधीन है। इसके बाद नगर निगम ने प्रताप विहार में सरकारी जमीन पर अस्थायी डंपिंग ग्राउंड बनाया, लेकिन अब इसके बगल में ही आवास विकास परिषद की सिद्धार्थ विहार आवासीय योजना विकसित हो गई है। ऐसे में फ्लैटों के सामने डंपिंग ग्राउंड आ जाने से आविप के अधिकारी परेशान हैं।
दूसरी ओर, मिट्ठेपुर के लोगों ने एनजीटी में जनहित याचिका दाखिल कर डंपिंग ग्राउंड का विरोध कर दिया है। बीते दिनों एनजीटी ने भी गाजियाबाद के अफसरों को फटकार लगाई थी।