गत वर्ष से महामाया स्टेडियम में 16 करोड़ की लागत से जीर्णोद्धार कार्य चल रहा है। इसकी वजह से स्टेडियम में अव्यवस्थाओं का अंबार लगा हुआ है। स्टेडियम के दूर होने और निर्माण कार्य चलने की वजह से युवा अपनी सोसायटी के पार्कों में अभ्यास करने लगे हैं। सुबह और शाम चार बजे से क्रिकेट, वॉलीबॉल आदि खेल पार्कों में शुरू हो जाते हैं। सुबह के समय पार्कों में व्यायाम और भ्रमण करने जाने वाले महिला, पुरुषों को कई बार गेंद लगने की वजह से गंभीर चोटें भी आई हैं। इसके बावजूद युवा पार्कों में ही खेलते हैं। विजयनगर और राजनगर क्षेत्र की सोसायटियों में तो स्थिति यह हो गई है कि बुजुर्गों ने भ्रमण और व्यायाम करने के लिए अब पार्कों का इस्तेमाल करना कम या तो बंद ही कर दिया है।
व्यायाम के लिए अब लोग अपने घर में ही सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। इस संबंध में नगर निगम में कई बार शिकायत की जा चुकी है। साथ ही आसपास खेल मैदान उपलब्ध कराने के लिए जनप्रतिनिधियों से भी संपर्क किया जा चुका है। अब तक जिम्मेदारों ने इस संबंध में कोई सुध नहीं ली है।
दो बार गेंद लग चुकी है, अब घर पर ही करते हैं व्यायाम
राजनगर निवासी सुनील गर्ग ने बताया कि व्यायाम करने के लिए वह रोजाना अपनी कॉलोनी के पार्क में जाते थे लेकिन सुबह और शाम के समय अब वहां क्रिकेट खेला जाता है। दो बार गेंद उनके लग चुकी है। इनमें से एक बार तो लैदर की गेंद लगने से उनके गांठ बन गई थी। अब घर पर ही व्यायाम करते हैं।
खेल मैदान युवाओं को कराना चाहिए उपलब्ध
विजयनगर निवासी सीमा राजौरिया ने बताया कि नगर निगम में कई बार शिकायत दी गई है कि पार्कों में खेल पर प्रतिबंध लगना चाहिए। खेल विभाग को प्रत्येक सोसायटी में एक मैदान खेल का अलग से उपलब्ध कराना चाहिए।
क्रीड़ा अधिकारी अभिषेक कुमार ने बताया कि निजी खेल मैदान बने हुए हैं। उनके मानकों की जांच के लिए ही खेल विभाग की टीम जाती है। स्टेडियम में अतिशीघ्र सबकुछ व्यवस्थित हो जाएगा।