मुआवजे की मांग को लेकर धरने पर बैठे चार गांव के किसान नारेबाजी कर शुक्रवार को गोविंदपुरम स्थित एनडीआरएफ कैंप पहुंचे। यहां एनडीआरएफ की ओर से कैंप के नजदीक कराए जा रहे निर्माणाधीन स्थल पर किसानों ने कब्जा कर काम रुकवा दिया। किसानों का कहना है कि जब तक कोई फैसला नहीं आ जाता निर्माण कार्य नहीं होने दिया जाएगा।
शुक्रवार दोपहर एक बजे सैकड़ों किसान नारेबाजी करते हुए गोविंदपुरम स्थित एनडीआरएफ कैंप पहुंचे और निर्माणाधीन स्थल पर कब्जा कर लिया। मामले की सूचना मिलते ही कविनगर एसएचओ अशोक सिसौदिया भी मौके पर पहुंचे। भाकियू के मेरठ मंडल अध्यक्ष राजवीर सिंह ने बताया कि सिटी मजिस्ट्रेट ने मुआवजे की मांग के मामले में कोई भी फैसला नहीं होने तक जमीन पर किसी भी तरह का निर्माण नहीं करने के लिए एक नोटिस जारी किया था।
इस संबंध में आठ अप्रैल को एनडीआरएफ के अधिकारियों के साथ जिला प्रशासन के नेतृत्व में वार्ता होने तक निर्माण नहीं करने की बात पर सहमति जताई थी। बावजूद इसके एक भी दिन कार्य नहीं रोका गया। उन्होंने इस संबंध में जिला प्रशासन और एनडीआरएफ के अधिकारियों द्वारा ठोस आश्वासन नहीं मिलने तक निर्माणाधीन स्थल पर ही रहने की बात कही।
वहीं, मौके पर पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट ने किसानों को लड़ाई-झगड़ा न करने की हिदायत दी। उधर, एनडीआरएफ के कमांडेंट पीके श्रीवास्तव का कहना है कि हमें जमीन केंद्र सरकार की ओर से एलाट की गई है। मंत्रालय की ओर से जब तक कोई आदेश नहीं आता तब तक निर्माण नहीं रोका जाएगा। इस मौके पर पार्षद हरीश चौधरी, बिजेंद्र चौधरी, सुभाष तेवतिया, सत्ते आढ़ती, राजेंद्र सिंह, उर्मिला, शीला, पूनम आदि सैकड़ों किसान मौजूद रहे।