गाजियाबाद। मधुबन-बापूधाम आवासीय योजना की समीक्षा के लिए जीडीए ने सीनियर अधिकारियों की कमेटी गठित कर दी है। यह कमेटी आवासीय योजना की भौतिक स्थिति देखेगी। कमेटी यह भी देखेगी कि जीडीए के प्लान के मुताबिक मौके पर कितना निर्माण बाकी है और उसके लिए अब कितनी जमीन अधिग्रहीत करने की जरूरत है।
10 जनवरी तक यह कमेटी अपनी रिपोर्ट जीडीए सचिव को सौंपेगी। दरअसल, जीडीए को मधुबन-बापूधाम आवासीय योजना के लिए जमीन अधिग्रहण कर नई पॉलिसी के तहत किसानों को मुआवजा देना है। 267 एकड़ जमीन के लिए जीडीए को करीब एक हजार करोड़ रुपया मुआवजा देना होगा।
22 दिसंबर को हुई जीडीए बोर्ड बैठक में प्रमुख सचिव आवास ने मुआवजा देने से पहले आवासीय योजना की समीक्षा करने के निर्देश दिए थे। जीडीए ने इस योजना में अब सिर्फ सामुदायिक योजनाओं के लिए जमीन अधिग्रहीत करने की प्लानिंग की है।
ऐसे में अब जीडीए वीसी की ओर से यह कमेटी बनाई गई है। कमेटी में चीफ टाउन प्लानर इश्तियाकअहमद, तहसीलदार और सिविल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के अधिकारी शामिल हैं। जीडीए सचिव रविंद्र गोडबोले ने बताया कि यह कमेटी मौके पर जाकर देखेगी कि साइट प्लान के मुताबिक जीडीए को कितनी जमीन की जरूरत है।
मौके पर जमीन की स्थिति क्या है। योजना में अभी क्या-क्या काम बाकी हैं। उन्होंने बताया कि 10 जनवरी तक कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद मीटिंग होगी, जहां भविष्य की प्लानिंग पर वार्ता होगी।