महापौर और नगर आयुक्त के निरीक्षण का कार्यक्रम तय हुआ तो बदहाल रैन बसेरे भी संवरे हुए नजर आने लगे। उनके निरीक्षण से पहले रैन बसेरों में सफाई भी हो गई और गद्दे-कंबल भी पहुंच गए।
हालांकि पानी की कमी सामने आई, अलाव का इंतजाम भी अभी तक नहीं किया गया था। महापौर व नगर आयुक्त ने तीन दिन में सभी कमियों को दूर कर एक सप्ताह में अलाव की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं।
बुधवार के अंक में ‘अमर उजाला’ ने रैन बसेरों की बदहाल व्यवस्था को प्रकाशित कर निगम प्रशासन तक मामले को पहुंचाया था। इस पर संज्ञान लेकर बृहस्पतिवार को महापौर अशु वर्मा, नगर आयुक्त अब्दुल समद, अपर नगर आयुक्त डीके सिन्हा ने जलकल, प्रकाश, निर्माण और नजारत विभाग के स्टाफ को साथ लेकर निरीक्षण किया।
राजनगर में ग्रीन हाउस रैन बसेरे में व्यवस्था सही मिली। 25-30 गद्दे और कंबल भी मिले। नासिरपुर फाटक रैन बसेरे में खिड़कियों के शीशे टूटे हुए और दीवारें गंदी मिली। प्लास्टिक शेड से बनाया गया एक हॉल खस्ताहाल मिला।
महापौर ने सभी कमियों को तीन दिन में दुरस्त करने के निर्देश दिए। पुराना बस अड्डा रैन बसेरे में सफाई और गद्दे-कंबल की व्यवस्था ठीक मिली। यहां हॉल के चैनल पर चिक लगाकर ढका जाएगा। नगर आयुक्त ने बताया कि सभी रैन बसेरों में हैंडपंप लगाए जाएंगे, ताकि पानी की पर्याप्त व्यवस्था हो सके। एक सप्ताह में अलाव जलने शुरू हो जाएंगे।