गाजियाबाद। जनपद में लगातार गिरते तापमान व शीतलहर का असर अब स्वास्थ्य पर गंभीर रूप से दिखाई देने लगा है। ठंड के कारण निमोनिया और श्वसन संबंधी बीमारियों के मामले बढ़ रहे हैं। इस सबके बीच विजयनगर क्षेत्र में निमोनिया से ढाई साल की बच्ची की मौत हो गई है। इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग भी सतर्क हो गया है।
विजयनगर चांदमारी निवासी आफताब रविवार दोपहर ढाई साल की बेटी समायरा को लेकर एमएमजी अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंचे थे। बच्ची को कई दिनों से खांसी, जुकाम व सांस लेने में परेशानी थी। डॉक्टरों ने जांच के बाद बच्ची को मृत घोषित कर दिया।
बच्ची के नाना रियाज ने बताया कि समायरा को पहले से निमोनिया की शिकायत थी। उसका इलाज भी चल रहा था। तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर उसे अस्पताल लाया गया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। एमएमजी अस्पताल के सीएमएस डॉ. राकेश कुमार ने बताया कि बच्ची को मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया था।
ओपीडी में 60 प्रतिशत मामले श्वसन संक्रमण के
सीएमएस के अनुसार, ठंड के मौसम में बच्चों और बुजुर्गों में निमोनिया का खतरा अधिक रहता है। समय पर इलाज न मिले तो यह जानलेवा भी हो सकता है। उन्होंने बताया कि अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन बड़ी संख्या में खांसी, जुकाम, बुखार और सांस की परेशानी के मरीज पहुंच रहे हैं। बीते कुछ दिनों से ओपीडी में आने वाले कुल मरीजों में लगभग 60 प्रतिशत श्वसन संक्रमण से संबंधित हैं। बच्चों में निमोनिया और बुजुर्गों में सांस की पुरानी बीमारियां ज्यादा देखने को मिल रही हैं। अस्पताल में ऐसे मरीजों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। जरूरत पड़ने पर भर्ती कर इलाज किया जा रहा है।
ठंड से बचने की सलाह
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विपिन उपाध्याय ने निमोनिया से बचाव के लिए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। बच्चों को ठंड से बचाने, गर्म कपड़े पहनाने और खांसी या सांस की समस्या होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह दी गई है। बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को भी ठंड में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। स्वास्थ्य विभाग ने अपील की है कि लक्षण दिखने पर घरेलू इलाज में देरी न करें और समय रहते अस्पताल पहुंचें।