गाजियाबाद। सीएनजी की कीमत में 3.89 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी ने जिले के करीब पौने दो लाख वाहन वाहन मालिकों पर रोजाना करीब 36.16 लाख रुपये का अतिरिक्त बोझ डाल दिया है। गाजियाबाद में रोजाना करीब आठ लाख किलो सीएनजी की खपत होती है। शुक्रवार तक 91.07 रुपये प्रति किलो मिल रही सीएनजी अब 95.59 रुपये प्रति किलो हो गई है। ऐसे में व्यावसायिक वाहनों के संचालन की लागत बढ़ने से किराये में भी बढ़ोतरी की तैयारी शुरू हो गई है।
जिले में पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की सुविधा वाले 33 पंप हैं, जबकि 12 पंप आईजीएल कंपनी सीधे संचालित करती है। कंपनी के आंकड़ों के अनुसार इन पंपों पर रोजाना करीब आठ लाख किलो सीएनजी की बिक्री होती है। गाजियाबाद आरटीओ में सीएनजी से चलने वाले करीब पौने दो लाख वाहन पंजीकृत हैं। इनमें करीब 50 हजार व्यावसायिक वाहन हैं। जिले के पंपों पर रोजाना एक लाख से अधिक वाहन सीएनजी भरवाते हैं।
91.07 रुपये प्रति किलो की पुरानी दर से आठ लाख किलो सीएनजी की कीमत करीब 7.29 करोड़ रुपये बैठती थी। अब 95.59 रुपये की नई दर पर यही गैस करीब 7.65 करोड़ रुपये की पड़ेगी। यानी वाहन स्वामियों को रोजाना करीब 36.16 लाख रुपये अतिरिक्त खर्च करने होंगे।
व्यावसायिक वाहनों का बढ़ सकता है किराया
टैक्सी ट्रांसपोर्ट यूनियन के अध्यक्ष संदीप त्यागी ने बताया कि सीएनजी की कीमत बढ़ने से एक बार टंकी भरवाने पर करीब 30 रुपये अतिरिक्त खर्च होंगे। महीने में यह बोझ एक हजार रुपये से अधिक हो जाएगा। एसोसिएशन के पदाधिकारियों की बैठक बुलाकर किराये में बढ़ोतरी पर विचार किया जाएगा।
सस्ती नहीं रही सीएनजी की सवारी
नौकरीपेशा हर्षवर्धन ने सीएनजी की कीमत बढ़ने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि सीएनजी वाहन चलाना अब बजट पर भारी पड़ रहा है। पेट्रोल, डीजल और सीएनजी से वाहन चलाने के खर्च में पहले जितना अंतर था, अब नहीं रहा। सीएनजी की टंकी फुल कराने में करीब 750 रुपये खर्च हो रहे हैं। लगातार बढ़ती कीमतों के बीच अब इलेक्ट्रिक वाहन चलाना ज्यादा फायदे का सौदा लग रहा है।
पूरे दिल्ली-एनसीआर में आईजीएल ने सीएनजी की कीमतों में बढ़ोतरी की है। सीएनजी पंपों पर नई कीमत सार्वजनिक करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। कंपनी अधिकारियों को वाहन स्वामियों से समन्वय कर व्यवस्था बेहतर तरीके से संचालित करने के लिए कहा गया है।
-अमित तिवारी, जिला पूर्ति अधिकारी