बुलंदशहर। नगर निवासी एक अधिवक्ता को जिला चिकित्सालय की इमरजेंसी में पहुंचने पर इलाज न मिलने मामले में सीएमएस ने जांच बैठा दी है। प्रभारी सीएमएस ने इमरजेंसी में ड्यूटी के दौरान मौजूद सभी स्टाफ से स्पष्टीकरण मांगा है। हालांकि अभी परिजनों ने लापरवाही बरतने की कोई शिकायत लिखित में नहीं दी है।
नगर के डीएम रोड आवास-विकास प्रथम निवासी 65 वर्षीय एडवोकेट सत्यपाल सिंह चौहान वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ता थे। बुधवार को उन्हें अचानक बेचैनी हुई तो उन्होंने परिजनों से अस्पताल चलने को कहा। घर से कुछ दूरी पर आने के दौरान उनकी हालत बिगड़ गई। किसी तरह परिजन उन्हें जिला चिकित्सालय की इमरजेंसी लेकर पहुंचे। आरोप है कि वहां ईएमओ व अन्य कोई स्टाफ मौजूद नहीं मिला। काफी देर शोर मचाने के बाद एक युवक इमरजेंसी में आया, इसके बाद स्टाफ ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिजनों का आरोप है कि समय पर इलाज मिल जाता तो उनकी जान बच सकती थी।
जिला चिकित्सालय के प्रभारी सीएमएस डॉ. प्रदीप राणा ने बताया कि लापरवाही की कोई शिकायत नहीं मिली है। फिलहाल ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ से स्पष्टीकरण मांगा गया है।