गाजियाबाद। नगर विकास मंत्री आगमन पर एक दिन के लिए चालू किया गया नगर निगम सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट फिर बंद हो गया। सिद्धार्थ विहार में करीब पांच करोड़ की लागत से बनाए गए कूड़े से खाद बनाने का प्लांट अब जंग खा रहा है। नगर निगम और कार्यदायी संस्था सीएंडडीएस के विवाद में प्लांट का संचालन बंद हो गया।
यह प्लांट जनवरी 2016 में चालू होना था, लेकिन लगातार लेट होता रहा। नगर आयुक्त अब्दुल समद की फटकार के बाद 9 नवंबर को सीएंडडीएस के अधिकारियों ने प्लांट चालू कराया था। महापौर अशु वर्मा और पार्षदों ने फीता काटकर इसका संचालन कराया, लेकिन अगले ही दिन प्लांट बंद हो गया।
इसके संचालन के लिए अब संबंधित फर्म एडवांस रकम की डिमांड कर रही है, जबकि नगर निगम के अनुबंध के मुताबिक कार्यदायी संस्था को दो महीने इसका संचालन अपने खर्च पर करना है।
11 दिसंबर को नगर विकास मंत्री आजम खां इस सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के बगल में बने गंगाजल प्लांट का लोकार्पण करने सिद्धार्थ विहार पहुंचे तो सीएंडडीएस के अधिकारियों ने प्लांट पर कर्मचारी तैनात कर संचालन कराया, लेकिन उनके जाते ही प्लांट फिर बंद हो गया।
40 दिन में इस प्लांट से सिर्फ 15-20 किलोग्राम खाद तैयार हो पाई है। नगर निगम का पांच करोड़ रुपया खर्च होने के बावजूद कूड़ा निस्तारण शुरू नहीं हुआ। नगर आयुक्त का कहना है कि शासन को पत्र भेजकर प्लांट की जांच और संचालन न करने पर सीएंडडीएस पर कार्रवाई की संस्तुति की गई है।