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बंद बेअसर...खुले रहे बाजार

Mon, 28 Nov 2016 10:29 PM IST
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद
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market - फोटो : अमर उजाला
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नोटबंदी के खिलाफ विपक्षी दलों के भारत बंद आह्वान का गाजियाबाद में कोई असर दिखाई नहीं दिखा। सोमवार को आम दिनों की तहत महानगर के सभी प्रमुख बाजार खुले रहे। सरकारी और प्राइवेट प्रतिष्ठानों में कामकाज सामान्य रहा। भारत बंद से ऑटो और सिटी बस संचालकों ने खुद को दूर रखा।  बाजारों और सड़कों पर अन्य दिनों की अपेक्षा भीड़ जरूर कम रही।
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अस्पतालों, पेट्रोल पंपों जैसी जरूरी सेवाओं पर भी भारत बंद का कोई प्रभाव नजर नहीं आया। भारत बंद से आम लोगों को किसी प्रकार की दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ा। महानगर के प्रमुख बाजार सिहानी गेट, चौपला मार्केट, तुराब नगर, घंटाघर, गांधी मार्केट, आरडीसी, अंबेडकर रोड, नवयुग मार्केट में अधिकांश दुकानें खुलीं।

हालांकि भारत बंद के आह्वान की संभावना के चलते बाजारों और प्रमुख मार्गोँ पर भीड़ कम रही। शहर के मॉल्स और मल्टीप्लेक्स भी खुले रहे। मॉल्स में हालांकि भीड़ कम दिखाई दी। वहीं, प्रमुख सरकारी और प्राइवेट स्कूल व अन्य शैक्षिक  संस्थान भी खुले रहे।नोटबंदी के खिलाफ देशव्यापी बंद के आह्वान के बावजूद जनपद में कांग्रेसियों के भी कई प्रतिष्ठान खुले रहे।
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प्रतिष्ठान खोले जाने पर कांग्रेसी जवाब देने से बचते दिखाई दिए।ऑटो और सिटी बस सेवा पर नहीं पड़ा कोई असरभारत बंद आह्वान के एक दिन पहले लोग ऑटो और सिटी बस सेवा प्रभावित होने से डरे हुए थे। लेकिन सोमवार को विभिन्न मार्गोँ पर ऑटो व सिटी बसें सामान्य रूप से चलने के चलते लोगों को कोई परेशानी झेलनी नहीं पड़ी।

जीटी रोड, पुराना बस अड्डा सहित विभिन्न मार्गों पर ऑटो व सिटी बस की व्यवस्था सामान्य रहीं। वहीं, महानगर के सभी पेट्रोल पंप खुले रहने से भी लोगों को कोई परेशानी नहीं हुई।

व्यापारियों की परिचर्चा: फोटो सहित
1. सभी व्यापारियों ने भारत बंद से किनारा करते हुए अपने-अपने प्रतिष्ठान खोले। बाजार में कामकाज और दिनों जैसा रहा। नोटबंदी के फैसले का वे समर्थन करते हैं। अगले 10-15 दिन में थोड़ी बहुत समस्या भी खत्म हो जाएगी। - अनुराग गर्ग, अध्यक्ष, सिहानी गेट व्यापार मंडल

2. नोटबंदी के कड़े फैसले का तुराबनगर व्यापारियों ने स्वागत करते हुए अपने प्रतिष्ठान खोले रखे। नोटबंदी से व्यापार को नुकसान तो हुआ है, लेकिन देश हित के इस निर्णय में सभी एकजुट हैं। - रजनीश बंसल, महानगर अध्यक्ष, उद्योग व्यापार परिषद

3. भारत बंद के निर्णय से किनारा करते हुए किराना मंडी में व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान खोले। नोट बंदी का फैसला प्लानिंग करके लिया गया होता तो लोगों को परेशानी नहीं झेलनी पड़ती। - देवेंद्र हितकारी, किराना व्यापारी।
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