गाजियाबाद। ठेका श्रमिकों का वेतन 7500 से बढ़ाकर 19500 रुपये प्रति महीना दिए जाने, सातवें वेतन आयोग के मुताबिक एरियर और सैलरी दिलाए जाने समेत नौ मांगों को लेकर निगम सफाई कर्मचारियों ने मंगलवार को हड़ताल कर विरोध जताया।
पांच दिन से धरना दे रहे अखिल भारतीय सफाई मजदूर संघ के पदाधिकारियों ने दावा किया कि मंगलवार को शहर में सफाई व्यवस्था ठप रही। अब वह बुधवार से कूड़ा भी नहीं उठाएंगे। हालांकि निगम अफसरों ने किसी भी हड़ताल से इंकार किया।
संघ के जिलाध्यक्ष किरनपाल सिंगौते का कहना है कि नगरायुक्त ने करीब 10 माह पहले वेतन बढ़ाने का मौखिक आश्वासन दिया था। बावजूद इसके अभी तक मांगें नहीं मानीं गई। उनका कहना है कि जब तक मांगें नहीं मानीं जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
उन्होंने बताया कि मंगलवार को निगम सफाई कर्मचारियों ने कामबंद हड़ताल कर उन्हें समर्थन दिया। निगम वाहन संघ के पूर्व पदाधिकारी सलीम अब्बासी, राजीव शर्मा, अजीत सिंह ने भी निगम मुख्यालय में धरनारत कर्मचारियों को समर्थन दिया।
किरपाल सिंगौते ने बताया कि किसी भी कालोनी में सफाई नहीं की गई। अब बुधवार को वाहन चालक शहर में कूड़ा भी लिफ्ट नहीं करेंगे। कूड़ा लिफ्टिंग ठप हुई तो शहर भर में सड़कों किनारे कचरे के ढेर लग जाएंगे।
सफाई कर्मचारी नेता प्रदीप चौहान ने कहा कि निगम अधिकारी तानाशाही भरा रवैया अपनाकर कर्मचारियों का दमन कर रहे हैं। वह नहीं चाहते कि सफाई कर्मचारी समाज में आगे बढ़े। उधर, निगम अधिकारियों का कहना है कि उनके कर्मचारियों ने हड़ताल नहीं की है। शहर में सफाई की गई है।