खेलने जाने की बात कर निकली थी
पुलिस के अनुसार छोटी बेटी रितिसा (13) सातवीं कक्षा में राजेंद्र नगर राजबाग रोड स्थित एक नामचीन स्कूल में पढ़ती थी। इसी स्कूल में उनकी बड़ी भी पढ़ाई करती है। परिजन ने बताया कि शनिवार करीब पांच बजे रितिका अपनी मां को दिमाग खराब और खेलने की बात कहकर फ्लैट से निकली थी। कुछ देर बाद वह 10वीं मंजिल से नीचे गिरी मिली। ग्राउंड फ्लोर पर आकर गिरी छात्रा को लहूलुहान देखकर गार्ड ने हल्ला मचा दिया, जिसके बाद पास के फ्लैट में रहने वाले डॉ. मयंक जैन बाहर आए। उन्होंने बच्ची को सीपीआर दिया, उसकी हालत गंभीर देख उसे पास के निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टर ने बताया कि बच्ची के सिर, फेफड़े फटने के कारण उसकी उपचार के दौरान मौत हो गई।
टीचर ने डांटते हुए कान में कहा, तुम कुछ नहीं कर सकती
बड़ी बहन लायसा ने बताया कि गणित की शिक्षिका ने रितिसा को कई बार परेशान किया। कुछ दिन पहले उसे कक्षा से बाहर ले जाकर उसके कान में कहा था कि तुम कुछ नहीं कर सकती हो। पढ़ने में बिल्कुल अच्छी नहीं हो। जो उसने बहन को बताया था। इसके बाद परिजनों ने बच्ची की निजी डायरी देखी। बच्ची अक्सर डायरी में लिखती रहती थी, लेकिन किसी को पढ़ने नहीं देती थी। घटना के बाद अभिभावकों ने डायरी को देखा तो जुलाई से अब तक कई पेज पर बच्ची ने टीचर के टॉर्चर की बातें लिखी थीं।
बच्ची ने एक बार घर में टीचर के बारे में बताया भी था। तब जुलाई से स्कूल की पैरेंट टीचर मीटिंग में परिजन ने स्कूल प्रबंधन से टीचर की शिकायत की थी। डायरी में एक स्थान पर बच्ची ने टीचर का नाम भी लिखा, अन्य स्थानों पर गणित टीचर के नाम से संबोधित किया गया था। पेपर में कम नंबर आने के लिए भी छात्रा ने टीचर को ही दोषी ठहराया था। घटना के बाद घर पहुंची रितिसा की बेस्ट फ्रेंड ने बताया कि हाल में स्कूल में आंतरिक परीक्षा हुई थी, जिनकी कॉपी शुक्रवार को सभी बच्चों को दी गई थीं। इसमें रितिसा के 30 नंबर आए थे, जिन्हें देखकर उसने सहेली से कहा था कि सोमवार को स्कूल आने पर टीचर उसकी हालत खराब कर देंगी।