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Ghaziabad News: शिकागो की कंपनी बता व्यापार में निवेश करा 88.48 लाख रुपये ठगे

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गाजियाबाद। साइबर ठगों ने व्यापार में ऑनलाइन विदेशी बाजार में निवेश करने और ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म प्रदान करने वाली शिकागो की सीबीओई का प्रतिनिधि बताकर कविनगर में रहने वाले अशोक कुमार सिंह से 88 लाख 48 हजार 385 रुपये की ठगी कर ली। पीड़ित ने जब ठगों द्वारा भेजे गए ऑनलाइन फर्जी लेटरपैड की कंपनी से संपर्क साधा तो उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में उनका कोई प्रतिनिधि नहीं है और उनके साथ ठगी हुई है तुरंत साइबर अपराध रिपोर्टिंग एजेंसी से संपर्क करने की बात कही। पीड़ित ने साइबर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।
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एडीसीपी अपराध पीयूष कुमार सिंह ने बताया कि अगस्त माह में एक कॉल आया। उसने बताया कि वह शिकागो की कंपनी में ऑनलाइन कार्य कर व्यापार में निवेश करती हैं और 30 से 40 प्रतिशत मुनाफा उनके खाते में आता है। पहले चरण में वह उन्हें 11.18 मिलियन का गारंटी मुनाफा होने का दावा किया। उनके नाम की एक यूजर आईडी बनाई गई जिसके प्रमुख पाव सेठी थे। उन्होंने व्यापार में निवेश करने का दबाव बनाया। आरोपियों ने सीबीओई कंपनी के लैटर हैड भेजकर सदस्यता प्रमाण पत्र भी ई-मेल द्वारा भेजा। साइबर ठगों के झांसे में आकर उन्होंने 27 अगस्त से 21 नवंबर 2025 तक 27 ट्रांजक्शन में 88 लाख 48 हजार 385 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए। जब उन्होंने रुपये निकालने का प्रयास किया तो असफल रहे और अतिरिक्त धनराशि निवेश करने का दबाव बनाया। इसके साथ ही ट्रेड पूर्ण न करने पर धनराशि डूबने की धमकी दी। पीड़ित ने गूगल से सीबीओई कंपनी से संपर्क साधा। जहां से उन्हें जानकारी मिली कि उत्तर प्रदेश में उनका कोई प्रतिनिधि नहीं है और न ही कंपनी में उनका एकाउंट है। कंपनी के अधिकारियों के कहने पर उन्होंने गृह मंत्रालय के साइबर अपराध पॉर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। एडीसीपी ने बताया कि पीड़ित की तहरीर पर साइबर थाने में प्राथमिकी पंजीकृत कर ली गई है, मामले की जांच की जा रही है।

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पेंशनभोगी से शेयर ट्रेडिंग से 17.55 लाख रुपये ठगे

वैशाली के सेक्टर-छह में रहने वाले तेजपाल सिंह ने बताया कि वह पेंशनभोगी हैं और सोशल मीडिया पर जारी किए गए विज्ञापन से वह साईबर ठगों के जाल में फंसे। बताया कि डी मार्केट वोलेटिलिटी रिसर्च ग्रुप से साइबर ठगों ने उन्हें जोड़ा। इस ग्रुप में 160 सदस्य थे और नादिर वर्मा नाम का रोजाना शाम सात बजे से उन्हें वित्तीय निवेश की जानकारी देते थे। उन्हें मैडल लीला नाम की महिला से फोन पर बातचीत कराई गई। लीला ने खुद को प्जेना कंपनी जो अमेरिका की बहुराष्ट्रीय निवेश करने वाली कंपनी है खुद इसका जनरल मैनेजर बताया। इनके कहने पर प्जेना मोबाइल एप पर उन्होंने 17.55 लाख रुपये निवेश किए। रुपये डी-मैट एकाउंट से निकालने में विफल रहे। शक होने पर उन्होंने साइबर ठगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है।
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